टीएमसी विवाद पर राहुल गांधी का बड़ा बयान, ममता के समर्थन में क्या कहा
तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न पर चुनाव आयोग के अंतरिम फैसले के बाद राहुल गांधी ने ममता बनर्जी के समर्थन में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हुए कहा कि शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के बाद अब टीएमसी के मामले में भी वैसा ही घटनाक्रम दिखाई दे रहा है। राहुल गांधी ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता के जनादेश से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।
दि राइजिंग न्यूज | नई दिल्ली | 18 सितंबर 2026
तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चुनाव आयोग के अंतरिम फैसले के बाद राहुल गांधी ने ममता बनर्जी के समर्थन में प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि पहले शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मामलों में ऐसा घटनाक्रम देखने को मिला था और अब तृणमूल कांग्रेस के मामले में भी उन्हें वैसा ही पैटर्न नजर आ रहा है।राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पहले राजनीतिक दलों में विभाजन कराया जाता है और उसके बाद पार्टी के चुनाव चिह्न पर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि जनता के जनादेश की रक्षा करना चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है।
टीएमसी विवाद पर राहुल गांधी ने क्या कहा
तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चुनाव आयोग के अंतरिम फैसले के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने वक्तव्य में भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। राहुल गांधी ने कहा कि पहले शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मामलों में ऐसा हुआ और अब तृणमूल कांग्रेस के मामले में भी उन्हें वैसा ही तरीका दिखाई दे रहा है।राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पहले किसी राजनीतिक दल को विभाजित किया जाता है और उसके बाद उसके चुनाव चिह्न पर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताया। हालांकि, ये सभी बातें राहुल गांधी द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें उनके बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
‘वोट चोरी, सरकार चोरी और अब पार्टी चोरी’ का लगाया आरोप
राहुल गांधी ने अपने बयान में ‘वोट चोरी, सरकार चोरी और अब पार्टी चोरी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि अगर किसी राजनीतिक दल की पहचान और चुनाव चिह्न को लेकर इस तरह की स्थिति पैदा हो सकती है, तो करोड़ों मतदाताओं के मतों को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।उन्होंने चुनाव आयोग की संवैधानिक भूमिका पर भी सवाल उठाया। राहुल गांधी का कहना है कि आयोग की जिम्मेदारी जनता के जनादेश की रक्षा करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा घटनाक्रम में आयोग ऐसी ताकतों की मदद कर रहा है, जिनके कारण जनता के फैसले पर असर पड़ सकता है।
चुनाव आयोग ने टीएमसी के नाम और चिह्न पर लगाई अंतरिम रोक
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के नाम और उसके आरक्षित चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर अंतरिम रोक लगाई है। यह रोक पार्टी के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों पर लागू होगी। आयोग ने दोनों पक्षों से नए नाम और चुनाव चिह्न के विकल्प देने को कहा है।आयोग के इस फैसले के बाद दोनों गुट आगामी उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस के मौजूदा नाम और आरक्षित चिह्न के साथ मैदान में नहीं उतर सकेंगे। दोनों पक्षों को अपनी पसंद के तीन-तीन नाम और चिह्न के विकल्प देने के लिए कहा गया था।
नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव पर पड़ेगा असर
चुनाव आयोग का अंतरिम फैसला पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से जुड़ा है। दोनों गुट इन चुनावों में अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रहे थे। ऐसे में पार्टी के नाम और चिह्न पर रोक लगने से अब उन्हें अलग पहचान के साथ चुनाव प्रक्रिया में आगे बढ़ना होगा।आयोग ने दोनों पक्षों को उपलब्ध वैकल्पिक चुनाव चिह्नों में से अपनी पसंद बताने का अवसर दिया है। नए नाम और चिह्न के आवंटन के बाद ही दोनों गुट उपचुनाव में अपनी संबंधित राजनीतिक पहचान के साथ आगे बढ़ सकेंगे।
टीएमसी के भीतर विवाद कैसे बढ़ा
तृणमूल कांग्रेस के भीतर यह विवाद पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद सामने आया। पार्टी के विधायकों और संगठन के भीतर दो अलग-अलग धड़े सामने आए। इसके बाद पार्टी के नाम, संगठन और चुनाव चिह्न पर नियंत्रण को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता गया।चुनाव आयोग के समक्ष दोनों गुटों ने अपने-अपने दावे रखे। आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलों पर सुनवाई करने के बाद उपचुनाव के लिए अंतरिम व्यवस्था लागू की है। पार्टी के नाम और आरक्षित चुनाव चिह्न पर अंतिम फैसला अभी लंबित है।
कांग्रेस ने भी ममता बनर्जी के पक्ष में उठाई आवाज
टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न पर चुनाव आयोग के फैसले के बाद कांग्रेस की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने ममता बनर्जी के पक्ष में बयान देते हुए चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने आयोग से तृणमूल कांग्रेस का नाम और चुनाव चिह्न वापस करने की मांग की।इस तरह टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न का विवाद अब केवल पार्टी के भीतर का संगठनात्मक मामला नहीं रह गया है। विपक्षी दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाओं के बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है।
अंतिम फैसला अभी बाकी
चुनाव आयोग का मौजूदा आदेश अंतरिम प्रकृति का है और फिलहाल इसका सीधा असर आगामी उपचुनावों पर पड़ेगा। दोनों गुटों को अलग नाम और चिह्न के साथ चुनाव लड़ने की व्यवस्था की जा रही है। पार्टी के मूल नाम और आरक्षित चुनाव चिह्न पर अंतिम अधिकार किस गुट को मिलेगा, इस पर अभी फैसला होना बाकी है।इस पूरे मामले में चुनाव आयोग के अंतिम निर्णय के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने दावों के साथ राजनीतिक और कानूनी लड़ाई आगे बढ़ा रहे हैं।
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