रायबरेली में राहुल गांधी की टिप्पणी पर सियासी बवाल, महबूबा मुफ्ती बोलीं- बीजेपी ने ही बोई ऐसी भाषा की राजनीति
रायबरेली में राहुल गांधी द्वारा पीएम नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। महबूबा मुफ्ती ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा कि देश में इसी तरह की राजनीतिक भाषा को बढ़ावा दिया गया। बयान के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच तीखी जुबानी जंग शुरू हो गई है।
दि राइजिंग न्यूज | रायबरेली । 20 मई 2026
राहुल गांधी के बयान से राजनीतिक माहौल गरमाया
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की एक टिप्पणी ने देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। रायबरेली में आयोजित एक जनसभा के दौरान राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए इस्तेमाल किए गए शब्दों को लेकर भारतीय जनता पार्टी हमलावर हो गई है।राहुल गांधी के बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक इस मुद्दे पर बहस छिड़ गई है। बीजेपी नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री और देश का अपमान बताया है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक प्रतिक्रिया करार दे रहा है।
रायबरेली की सभा में क्या बोले राहुल गांधी
रायबरेली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की नीतियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। इसी दौरान उन्होंने ऐसा शब्द इस्तेमाल किया जिसने पूरे राजनीतिक माहौल को गरमा दिया।सभा में मौजूद समर्थकों ने राहुल गांधी के भाषण पर जोरदार प्रतिक्रिया दी, लेकिन कुछ ही देर में उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस को घेरना शुरू कर दिया और बयान को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया।
महबूबा मुफ्ती ने राहुल गांधी का बचाव किया
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने राहुल गांधी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश की राजनीति में विरोधियों के लिए “गद्दार” और “देशद्रोही” जैसे शब्दों का इस्तेमाल लगातार बढ़ा है।महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जब अलग विचार रखने वाले लोगों को लगातार निशाना बनाया गया, तब किसी ने राजनीतिक भाषा की मर्यादा पर सवाल नहीं उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अब विपक्ष की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया आने पर अचानक बड़ा विवाद खड़ा किया जा रहा है।
बीजेपी ने जो बोया, अब वही काट रही
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि देश में पिछले कुछ वर्षों से जिस तरह की राजनीतिक भाषा और माहौल तैयार किया गया, अब उसी का असर दिखाई दे रहा है। उनके मुताबिक नफरत और कटुता की राजनीति ने लोकतांत्रिक संवाद को नुकसान पहुंचाया है।उन्होंने कहा कि हर असहमति जताने वाले व्यक्ति को देशविरोधी बताना लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक प्रवृत्ति है। महबूबा के अनुसार अब वही माहौल राजनीतिक दलों के लिए भी चुनौती बनता जा रहा है।
बीजेपी ने कांग्रेस पर बोला तीखा हमला
राहुल गांधी के बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। पार्टी नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री का अपमान करके देश की जनता का भी अपमान किया है।बीजेपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार राजनीतिक हताशा में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रही है। कई नेताओं ने राहुल गांधी से सार्वजनिक माफी की मांग भी की है। बीजेपी का कहना है कि लोकतंत्र में विरोध हो सकता है, लेकिन भाषा की मर्यादा नहीं टूटनी चाहिए।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने लगाए बड़े आरोप
दिल्ली सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व लगातार नकारात्मक राजनीति कर रहा है। उन्होंने राहुल गांधी को अनुभवहीन नेता बताते हुए कहा कि वह देश की राजनीति को गलत दिशा में ले जा रहे हैं।सिरसा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता और लगातार चुनावी सफलता कांग्रेस को परेशान कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता का समर्थन खो चुकी कांग्रेस अब विवादित बयानों के जरिए राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।
राजनीतिक भाषा की मर्यादा पर फिर छिड़ी बहस
इस विवाद के बाद देश में एक बार फिर राजनीतिक भाषा और नेताओं के बयान को लेकर बहस शुरू हो गई है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में नेताओं के बीच व्यक्तिगत हमले और तीखे शब्दों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। चुनावी राजनीति में आक्रामक भाषा का इस्तेमाल अब आम होता जा रहा है। इसका असर लोकतांत्रिक संवाद और समाज के माहौल दोनों पर पड़ रहा है। कई लोग मानते हैं कि नेताओं को सार्वजनिक मंचों पर संयमित भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए।