राम वन-गमन के दृश्य ने दर्शकों की आंखें कीं नम:केवट संवाद ने भावविभोर किया, दशरथ प्रतिज्ञा, राम वन गमन और केवट संवाद का मंचन

Oct 16, 2026 - 07:05
0
राम वन-गमन के दृश्य ने दर्शकों की आंखें कीं नम:केवट संवाद ने भावविभोर किया, दशरथ प्रतिज्ञा, राम वन गमन और केवट संवाद का मंचन
बलरामपुर में नगर के रामलीला मैदान में श्रीश्री 108 सत्य प्रचारिणी रामलीला समिति की ओर से आयोजित रामलीला में गुरुवार रात दशरथ प्रतिज्ञा, राम वन गमन और केवट संवाद का भावपूर्ण मंचन किया गया। राधेश्याम रामायण पर आधारित प्रसंगों में कलाकारों के सजीव अभिनय और मार्मिक संवादों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। राम वन गमन के दौरान अयोध्या में छाए शोक के दृश्य ने दर्शकों की आंखें नम कर दीं, वहीं केवट संवाद ने भक्ति और समर्पण का संदेश दिया। मंचन रात 1:30 बजे तक चला। पिता के वचन की मर्यादा के लिए स्वीकार किया वनवास मंचन की शुरुआत दशरथ प्रतिज्ञा के प्रसंग से हुई। कैकेयी के दो वरदान मांगने और महाराज दशरथ के वचनबद्ध होने की घटना ने कथा को भावनात्मक मोड़ दिया। पिता के वचन की मर्यादा बनाए रखने के लिए भगवान श्रीराम ने सहर्ष 14 वर्ष का वनवास स्वीकार कर लिया। श्रीराम के वन जाने की सूचना से अयोध्या में शोक छा गया। महाराज दशरथ की व्याकुलता और कैकेयी के निर्णय से उत्पन्न परिस्थितियों का कलाकारों ने प्रभावशाली चित्रण किया। सीता और लक्ष्मण ने भी वन जाने का लिया संकल्प जब श्रीराम ने पिता की आज्ञा को सर्वोपरि बताते हुए राजमहल छोड़ने का निर्णय सुनाया तो रामलीला मैदान में मौजूद दर्शक भावुक हो उठे। माता सीता ने भी पति के साथ वन जाने का संकल्प व्यक्त किया, जबकि लक्ष्मण ने बड़े भाई के प्रति अटूट प्रेम और समर्पण का परिचय दिया। वन गमन के दृश्य में कलाकारों के मार्मिक अभिनय ने दर्शकों को भावुक कर दिया। केवट की भक्ति और समर्पण ने जीता श्रद्धालुओं का मन इसके बाद भगवान श्रीराम के गंगा तट पर पहुंचने और केवट से नदी पार कराने का आग्रह करने के प्रसंग का मंचन किया गया। केवट ने प्रभु के चरण पखारने की इच्छा व्यक्त की। भावपूर्ण संवादों के जरिए केवट की विनम्रता, भक्ति और भगवान के प्रति अगाध प्रेम को दर्शाया गया। इस प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया और पूरा रामलीला मैदान जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। रामकथा के प्रसंगों में छिपे हैं जीवन के संदेश रामलीला समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि रामकथा का प्रत्येक प्रसंग जीवन के लिए महत्वपूर्ण संदेश देता है। राम वन गमन त्याग, मर्यादा और माता-पिता की आज्ञा के पालन की प्रेरणा देता है, जबकि केवट संवाद सच्ची भक्ति, प्रेम और समर्पण का संदेश देता है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User