रामपुर में 1,100 किसानों को अब भी मुआवजे का इंतजार:83 लाख रुपये बांटने का प्रशासन का दावा, कई खेतों का सर्वे नहीं
रामपुर जिले में सितंबर माह में बेमौसम बारिश से धान की फसल को हुए नुकसान के मुआवजे को लेकर प्रशासन और किसानों के दावों में अंतर सामने आया है। शुक्रवार की दोपहर दो 1 बजे डीएम अजय कुमार द्विवेदी के मुताबिक, जिले में 2100 किसानों की फसल क्षतिग्रस्त होने का आकलन किया गया है। इनमें से करीब 1000 किसानों को 83 लाख रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है। 11 00 किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया चल रही है वहीं, कई किसानों का कहना है कि उनके खेतों में नुकसान का आकलन करने के लिए अब तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा है। डीएम ने बताया कि बीते गुरुवार तक एक हजार किसानों के खातों में 83 लाख रुपये की मुआवजा राशि भेजी जा चुकी है। शेष करीब 1100 किसानों को भुगतान करने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही उनके खातों में भी मुआवजे की धनराशि पहुंचा दी जाएगी। किसानों को राहत देने की कार्रवाई की प्रशासन के मुताबिक, फसल क्षति के आकलन के आधार पर किसानों को राहत देने की कार्रवाई की जा रही है। दूसरी ओर, सदर और शाहाबाद तहसील क्षेत्र के कई किसानों का कहना है कि उनकी धान की फसल को बारिश से काफी नुकसान हुआ है, लेकिन खेतों का सर्वे करने कोई नहीं पहुंचा। पनवड़िया की एक महिला किसान सोमवती ने बताया कि हर साल बारिश का पानी धान की फसल को नुकसान पहुंचाता है। इस बार भी उनके साथ आसपास के किसानों की फसल प्रभावित हुई है। इसके बावजूद उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला। उनका कहना है कि पहले भी उन्हें मुआवजा नहीं मिला और इस बार भी फसल का नुकसान देखने कोई नहीं आया। कई किसानों की धान की फसल खराब शहजादनगर के किसान चंद्रपाल और रामकिशोर ने बताया कि क्षेत्र में कई किसानों की धान की फसल खराब हुई है। खेतों में अब भी पानी भरा है, लेकिन नुकसान का आकलन करने के लिए अधिकारी नहीं पहुंचे हैं। ककरौआ गांव के भूरा समेत कई किसानों ने भी बताया कि धान की फसल में अभी भी पानी भरा हुआ है। उम्मीद है शायद कोई अधिकारी कर्मचारी जांघ को आयेगा।
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