राशन डीलर की दुकान से 99 कुंतल अनाज गायब:सहारनपुर में 62 कार्डधारकों ने खोली पोल, अंगूठा लगवाकर राशन के लिए कटवाता था चक्कर
सहारनपुर में गरीबों को बांटने के लिए आया सरकारी राशन आखिर कहां गया? ताहरपुर मोहल्ले में राशन वितरण की जांच के दौरान 98.91 कुंतल खाद्यान्न और 21 किलो चीनी का स्टॉक गायब मिलने से यह सवाल खड़ा हो गया है। मामले में 62 कार्डधारकों की शिकायतें भी सामने आई हैं। विभाग ने राशन की कालाबाजारी की आशंका जताते हुए निलंबित राशन डीलर आजाद सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मामला नगर निगम क्षेत्र के ताहरपुर मोहल्ले का है। राशन वितरण में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने 27 अगस्त को उचित दर दुकान का निरीक्षण किया था। उस समय दुकान बंद मिली। इससे पहले भी डीलर को दुकान खोलकर राशन बांटने के निर्देश दिए गए थे। निरीक्षण के दौरान दुकान के बाहर लगी जरूरी सूचनाएं भी पुरानी और अधूरी पाई गईं। अंगूठा लगवाया, लेकिन राशन के लिए लगवाते रहे चक्कर जांच टीम ने मौके पर मिले कार्डधारकों के बयान दर्ज किए। कुल 62 कार्डधारकों ने शिकायतें कीं। अधिकांश ने आरोप लगाया कि डीलर ई-पॉस मशीन पर पहले अंगूठा लगवा लेता था, लेकिन राशन तत्काल नहीं देता था। राशन लेने के लिए उन्हें कई बार दुकान के चक्कर लगाने पड़ते थे। कुछ कार्डधारकों ने कम राशन देने, दुकान समय पर नहीं खोलने और खराब व्यवहार की शिकायत भी की। 691 कार्डधारक, फिर भी स्टॉक का हिसाब नहीं विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, आजाद सिंह की दुकान से 691 राशन कार्ड जुड़े थे। 25 अगस्त तक 486 कार्डधारकों को राशन वितरण दर्ज था, जबकि करीब 200 कार्डधारकों का वितरण बाकी था। शिकायतों और अनियमितताओं के आधार पर जिला पूर्ति अधिकारी ने 31 अगस्त को दुकान का अनुबंध निलंबित कर दिया। शेष राशन का वितरण कराने के लिए दुकान को डीलर प्रेमचंद से संबद्ध किया गया और बचा हुआ खाद्यान्न उसे सौंपने के निर्देश दिए गए। जांच में दुकान का स्टॉक शून्य मिला विभागीय रिकॉर्ड में जुलाई और अगस्त का गेहूं-चावल मिलाकर कुल 98.91 कुंतल खाद्यान्न और 21 किलो चीनी शेष दर्ज थी। अधिकारियों ने कई बार डीलर के घर और दुकान पर पहुंचकर खाद्यान्न का हस्तांतरण कराने का प्रयास किया। 22 सितंबर को आजाद सिंह की मौजूदगी में दुकान का ताला खुलवाकर स्टॉक का सत्यापन किया गया तो वहां खाद्यान्न नहीं मिला। स्टॉक शून्य पाया गया। पूछताछ में आजाद सिंह ने भी शेष खाद्यान्न और चीनी उपलब्ध नहीं होने की बात कही। डीएम की अनुमति के बाद एफआईआर विभाग ने खाद्यान्न गायब मिलने और कार्डधारकों की शिकायतों के आधार पर प्रथम दृष्टया कालाबाजारी की आशंका जताई। रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी गई। डीएम ने 6 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज कराने की अनुमति दी। इसके बाद पूर्ति निरीक्षक अजय त्रिपाठी की तहरीर पर आजाद सिंह के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि राशन कहां गया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
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