रात में अस्पताल पहुंचे डीजी हेल्थ:उन्नाव जिला अस्पताल में रात 10 बजे किया निरीक्षण, मरीजों से पूछा- इलाज मिल रहा या नहीं

Oct 20, 2026 - 07:17
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रात में अस्पताल पहुंचे डीजी हेल्थ:उन्नाव जिला अस्पताल में रात 10 बजे किया निरीक्षण, मरीजों से पूछा- इलाज मिल रहा या नहीं
उन्नाव जिला अस्पताल में सोमवार रात करीब 10 बजे स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक पवन कुमार अचानक पहुंच गए। मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम के निर्देश पर किए गए निरीक्षण के दौरान उन्होंने इमरजेंसी वार्ड की व्यवस्थाएं देखीं। मरीजों से सीधे बातचीत कर इलाज, दवाओं और अस्पताल में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मरीजों ने अस्पताल में इलाज मिलने पर संतोष जताया। अधिकारियों से भी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति के बारे में जानकारी ली गई। रात के समय हुए इस निरीक्षण में इमरजेंसी में इलाज और जरूरी दवाओं की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया गया। इमरजेंसी वार्ड में पहुंचकर देखीं व्यवस्थाएं डीजी हेल्थ पवन कुमार ने सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड का जायजा लिया। उन्होंने भर्ती मरीजों के इलाज, उन्हें दी जा रही सुविधाओं और जरूरी दवाओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। साथ ही यह जानने की कोशिश की कि मरीजों को इलाज के दौरान किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही है। मरीजों से पूछा, इलाज और दवाएं मिल रही हैं या नहीं निरीक्षण के दौरान डीजी हेल्थ ने मरीजों से सीधे बातचीत की। मरीजों ने बताया कि उन्हें अस्पताल में उपचार मिल रहा है। सरकारी अस्पताल में महंगे इंजेक्शन और जरूरी दवाएं निशुल्क मिलने की जानकारी भी सामने आई। इसके अलावा एंटी-डी और एंटी-रेबीज जैसे जरूरी इंजेक्शनों की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी ली गई। सीएमएस और डिप्टी सीएमओ से ली जानकारी निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस), डिप्टी सीएमओ डॉ. जयराम दास और अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। डीजी हेल्थ ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ संबंधित अधिकारियों से स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन और मरीजों को मिल रही सुविधाओं के बारे में पूछा। सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था परखने के लिए निरीक्षण मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम के निर्देश पर किए गए निरीक्षण का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मिल रहे उपचार और सुविधाओं की वास्तविक स्थिति जानना था। इसमें रात के समय इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को समय पर इलाज देने और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने से जुड़ी व्यवस्थाओं को परखा गया।

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