रायबरेली में दूषित पानी और जर्जर मकानों से गुस्साए लोग:कांशीराम कॉलोनी के 150 परिवार बेहाल, नगर पालिका और जिला प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

Oct 01, 2026 - 10:47
0
रायबरेली में दूषित पानी और जर्जर मकानों से गुस्साए लोग:कांशीराम कॉलोनी के 150 परिवार बेहाल, नगर पालिका और जिला प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
रायबरेली में नगर पालिका परिषद क्षेत्र के खोर स्थित कांशीराम शहरी आवास योजना के करीब 150 परिवार बुनियादी सुविधाओं के अभाव में परेशान हैं। कॉलोनी में जर्जर हो चुके मकानों के साथ पेयजल की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि इंडियामार्का हैंडपंपों से लाल, दूषित और बदबूदार पानी निकल रहा है। वहीं भवनों की हालत ऐसी हो गई है कि हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। कांशीराम शहरी आवास योजना के तहत वर्ष 2009 में गरीब परिवारों को छत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कॉलोनी का निर्माण कराया गया था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब 17 वर्षों से रख-रखाव नहीं होने के कारण भवनों की स्थिति लगातार खराब होती गई। कई मकानों की दीवारों का प्लास्टर पूरी तरह झड़ चुका है, जबकि छतों में गंभीर दरारें आ गई हैं। इससे परिवारों को हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका सताती रहती है। लोगों ने जर्जर मकानों की मरम्मत के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन उनका कहना है कि अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन ही मिले। इंडियामार्का हैंडपंपों से निकल रहा लाल और बदबूदार पानी कॉलोनी में पेयजल व्यवस्था भी लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, इंडियामार्का हैंडपंपों से लाल, दूषित और बेहद बदबूदार पानी निकल रहा है। लोगों का आरोप है कि कॉलोनी का संपर्क मार्ग और जल निकासी व्यवस्था भी खराब है। बारिश और नालों का गंदा पानी सड़कों पर जमा रहता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जमा गंदे पानी का सीपेज भूमिगत जल और हैंडपंपों की पाइपलाइन तक पहुंच रहा है, जिससे पेयजल दूषित हो रहा है। लोगों का कहना है कि दूषित पानी के इस्तेमाल से करीब 150 परिवारों और खासकर छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी हुई है। कॉलोनी में संक्रामक बीमारियों के फैलने का भी खतरा बताया जा रहा है। शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने से फूटा गुस्सा समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय लोगों का आक्रोश गुरुवार सुबह फूट पड़ा। आक्रोशित निवासियों ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर पालिका और जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन धरातल पर स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी प्रदर्शन कर रहे लोगों ने जर्जर भवनों की मरम्मत और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही दोनों समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने जरूरत पड़ने पर कलेक्ट्रेट का घेराव करने की भी चेतावनी दी है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User