दूसरी बार चैंपियन बनी आरसीबी, फिर भी नहीं निकलेगी विक्ट्री परेड

लगातार दूसरी बार खिताब जीतने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने इस बार विक्ट्री परेड नहीं निकालने का फैसला किया है। पिछले वर्ष हुई भगदड़ की घटना, सुरक्षा संबंधी चिंताओं और राज्य में होने वाले महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रमों को देखते हुए प्रशासन और फ्रेंचाइजी ने सार्वजनिक जश्न से दूरी बनाने का निर्णय लिया है।

दूसरी बार चैंपियन बनी आरसीबी, फिर भी नहीं निकलेगी विक्ट्री परेड

दि राइजिंग न्यूज़। बेंगलुरु। 02 जून 2026

इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का खिताब जीतकर इतिहास रचने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने इस बार अपने प्रशंसकों को बड़ा झटका दिया है। लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने के बावजूद टीम ने बेंगलुरु में विक्ट्री परेड नहीं निकालने का फैसला किया है। पिछले वर्ष हुए दर्दनाक हादसे और मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए फ्रेंचाइजी ने सार्वजनिक जश्न से दूरी बनाने का निर्णय लिया है।

चैंपियन बनने के बाद भी नहीं होगा रोड शो

गुजरात के खिलाफ खिताबी मुकाबला जीतने के बाद बेंगलुरु में भव्य जश्न की उम्मीद की जा रही थी। लाखों प्रशंसक टीम की विजय यात्रा देखने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन फ्रेंचाइजी ने स्पष्ट कर दिया कि इस बार कोई सार्वजनिक विक्ट्री परेड आयोजित नहीं की जाएगी। टीम प्रबंधन का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

पिछले साल की त्रासदी बनी बड़ा कारण

वर्ष 2025 में टीम के पहली बार खिताब जीतने के बाद आयोजित विजय समारोह के दौरान स्टेडियम के बाहर भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। अव्यवस्था और भगदड़ के चलते कई लोगों की जान चली गई थी, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था और सुरक्षा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। इसी कारण इस बार प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम लेने के पक्ष में नहीं है।

प्रशासन ने पहले ही जारी की थी चेतावनी

फाइनल मुकाबले से पहले ही शहर पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर लोगों से सड़कों पर जश्न न मनाने की अपील की थी। पुलिस ने पटाखे फोड़ने, बाइक रैली निकालने, यातायात बाधित करने और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों से दूर रहने के निर्देश दिए थे। प्रशासन ने साफ कर दिया था कि कानून-व्यवस्था से जुड़ी किसी भी समस्या को लेकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

शपथ ग्रहण समारोह भी बना वजह

राज्य में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन भी इसी अवधि में प्रस्तावित है। समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, विशिष्ट अतिथियों और समर्थकों के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों के सामने दो बड़े आयोजनों का प्रबंधन करना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था। इसी कारण विजय परेड को मंजूरी नहीं दी गई।

खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियां भी सामने

टीम के कई प्रमुख खिलाड़ियों को जल्द ही अपनी-अपनी राष्ट्रीय टीमों के साथ जुड़ना है। कुछ खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय श्रृंखलाओं और राष्ट्रीय दायित्वों के लिए रवाना होना है, जिसके चलते लंबे सार्वजनिक समारोह आयोजित करना भी व्यावहारिक नहीं माना गया।

सीमित दायरे में होगा जश्न

सूत्रों के अनुसार टीम का जश्न पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन इसे सीमित और नियंत्रित दायरे में रखा जाएगा। फ्रेंचाइजी किसी भी ऐसी स्थिति से बचना चाहती है जिससे प्रशंसकों की सुरक्षा प्रभावित हो। लगातार दूसरी बार खिताब जीतने की खुशी बरकरार है, लेकिन इस बार उत्सव की जगह सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।