रिटायर्ड नेवी अफसर से लूट करने वाला ई-रिक्शा चालक गिरफ्तार:सवारी छोड़ने के बहाने सुनसान जगह ले गया आरोपी, नेवी अफसर को धक्का देकर लूटा
मेरठ में रिटायर्ड नेवी अफसर ब्रिज मोहन शर्मा से 21 सितंबर को हुई लूट का पुलिस ने गुरुवार को खुलासा कर दिया। पुलिस के मुताबिक, वारदात को ई-रिक्शा चालक अनस ने अंजाम दिया। उसने ब्रिज मोहन शर्मा को रास्ते में अन्य सवारियों को छोड़ने की बात कहकर ई-रिक्शा में बैठाया और धीरे-धीरे ऐसा रास्ता चुना, जहां सुनसान जगह मिलने पर उसने लूटपाट की। इसके बाद उन्हें धक्का देकर फरार हो गया। घायल पूर्व नेवी अफसर के कंधे की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ और चेहरे समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। पुलिस के सामने इस मामले में सबसे बड़ी चुनौती वारदात का सटीक रूट पता करना था। चोटिल होने और घटना के बाद की स्थिति के कारण ब्रिज मोहन शर्मा पुलिस को वह पूरा रास्ता स्पष्ट नहीं बता पा रहे थे, जिस रास्ते से आरोपी उन्हें लेकर गया था। पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। एक-एक कैमरे की फुटेज जोड़ते हुए पुलिस उस रास्ते तक पहुंची, जहां से ई-रिक्शा गुजरा था। इसी आधार पर ई-रिक्शा का नंबर ट्रेस किया गया और फिर आरोपी तक पहुंचने का रास्ता साफ हो गया। आरोपी किराये पर लेकर ई रिक्शा चलाता था। पुलिस ने मालिक से संपर्क किया तो उसने पुलिस को आरोपी की आईडी उपलब्ध करा दी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा। अब क्रमवार जानिए पूरा घटनाक्रम - ब्रिज मोहन शर्मा को प्यारे लाल जिला अस्पताल के सामने से ई-रिक्शा में बैठाया गया। ई-रिक्शा में पहले से अन्य सवारियां बैठी थीं। जगह कम होने के कारण आरोपी ने ब्रिज मोहन शर्मा को अपने बराबर में बैठा लिया। - ई-रिक्शा चालक सवारियों को लेकर घंटाघर की ओर गया। इसके बाद वह नाले वाले रास्ते से भूमिया का पुल की तरफ बढ़ा। रास्ते में वह सामान्य तरीके से सवारियां लेकर चलता रहा, जिससे वारदात की आशंका तत्काल नहीं हुई। - भूमिया का पुल पहुंचने पर आरोपी ने ई-रिक्शा में बैठी दूसरी सवारियों को उतार दिया। इसके बाद ई-रिक्शा में ब्रिज मोहन शर्मा ही रह गए। यहीं से आरोपी उन्हें ऐसे रास्ते की ओर ले गया, जहां भीड़ कम थी। - भूमिया के पुल से आगे आरोपी गोला कुआं चौराहे की ओर गया। वहां से हापुड़ रोड पर पहुंचा। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के जरिए इस पूरे रूट को जोड़कर देखा। - हापुड़ रोड से ई-रिक्शा नौचंदी क्षेत्र में पहुंचा। आरोपी शंभूदास गेट से अंदर की तरफ गया। पुलिस के मुताबिक, यहीं उसने सुनसान स्थान देखकर वारदात को अंजाम देने का मौका चुना। - सुनसान स्थान पर आरोपी ने ब्रिज मोहन शर्मा का बैग छीन लिया। इसके बाद उन्हें धक्का देकर ई-रिक्शा लेकर फरार हो गया। धक्का लगने से ब्रिज मोहन शर्मा सड़क पर गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। - वारदात में ब्रिज मोहन शर्मा के कंधे की हड्डी में फ्रैक्चर आया। चेहरे समेत शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं। घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में पीड़ित द्वारा वारदात का रूट स्पष्ट नहीं बताए जाने के कारण पुलिस ने घटनास्थल तक पहुंचने के लिए सीसीटीवी फुटेज को आधार बनाया। सीसीटीवी ने खोला वारदात का पूरा रास्ता
पुलिस ने प्यारे लाल जिला अस्पताल के आसपास लगे कैमरों से फुटेज खंगालनी शुरू की। इसके बाद घंटाघर, भूमिया का पुल, गोला कुआं, हापुड़ रोड और नौचंदी क्षेत्र की फुटेज को जोड़ा गया। इस तरह पुलिस ने ई-रिक्शा के आने-जाने का रास्ता ट्रेस किया। फुटेज से ई-रिक्शा का नंबर सामने आया। ई-रिक्शा मालिक तक पहुंची पुलिस
ई-रिक्शा नंबर के आधार पर पुलिस उसके वास्तविक मालिक तक पहुंची। पूछताछ में पता चला कि ई-रिक्शा आरोपी चालक अनस किराये पर चला रहा था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की पहचान और ठिकाने की जानकारी जुटाई। तारापुरी से पकड़ा गया आरोपी
पुलिस ने आरोपी की पहचान अनस पुत्र फखरूद्दीन, निवासी तारापुरी, जादू वाली गली, थाना लिसाड़ी गेट के रूप में की। गुरुवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 1050 रुपये, पूर्व नेवी अफसर का एसबीआई का डेबिट कार्ड, ईसीएचएस कार्ड और वारदात में इस्तेमाल ई-रिक्शा बरामद किया गया। शाम को कोर्ट में पेशी, जेल भेजा
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की और बरामदगी की कार्रवाई पूरी की। गुरुवार शाम करीब 3:30 बजे आरोपी को अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन), कोर्ट संख्या पांच में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को जेल भेज दिया। देहलीगेट एसएचओ अतुल कुमार ने बताया कि आरोपी ने ब्रिज मोहन शर्मा के थैले में रुपये देख लिए थे, जिस पर उसकी नीयत खराब हो गई और उसने लूटपाट की योजना बना डाली।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)