रकराना के प्रधान से लखनऊ की टीम तक अनूप:अलीगढ़ के भाजपा नेता हाथरस सांसद अनूप प्रधान को एससी मोर्चा में BJP ने दी प्रदेश की कमान

Oct 01, 2026 - 21:33
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रकराना के प्रधान से लखनऊ की टीम तक अनूप:अलीगढ़ के भाजपा नेता हाथरस सांसद अनूप प्रधान को एससी मोर्चा में BJP ने दी प्रदेश की कमान
गांव की प्रधानी से शुरू हुई सियासत अब प्रदेश भाजपा संगठन तक पहुंच गई है। हाथरस से भाजपा सांसद अनूप प्रधान को पार्टी ने उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति मोर्चा का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया है। अलीगढ़ के खैर विधानसभा क्षेत्र के पिसावा इलाके के रकराना गांव से निकले अनूप प्रधान के राजनीतिक सफर में यह एक और बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी है। खास बात यह है कि उनकी राजनीतिक जमीन अलीगढ़ में तैयार हुई और मौजूदा संसदीय पहचान हाथरस से है। ऐसे में एससी मोर्चे की प्रदेश टीम में उनकी नियुक्ति को अलीगढ़ और हाथरस के एससी वर्ग के बीच संगठन की पहुंच मजबूत करने के नजरिए से भी देखा जा रहा है। प्रधानी से शुरू हुई सियासत, भाजपा संगठन ने पकड़ा हाथ अनूप प्रधान ने राजनीति की शुरुआत गांव की प्रधानी से की। रकराना गांव के प्रधान बनने के बाद भाजपा संगठन की नजर उन पर पड़ी। उन्हें भाजपा एससी मोर्चा का मंडल अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद संगठन में लगातार काम करते हुए वह भाजपा एससी मोर्चा के अलीगढ़ जिलाध्यक्ष तक पहुंचे। संगठन में काम करने के दौरान उनकी पकड़ खैर विधानसभा क्षेत्र के साथ एससी समाज में भी बनी। 2012 में भाजपा ने पहली बार उन्हें खैर की एससी आरक्षित सीट से विधानसभा चुनाव लड़ाया। चुनाव में हार मिली, लेकिन संगठन और क्षेत्र में सक्रियता जारी रही। यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़े आंदोलन में भी वह सक्रिय रहे। किसान और एससी समाज के बीच लगातार संपर्क ने उनकी राजनीतिक पहचान को मजबूत किया। 2017 में पहली जीत, फिर मंत्री पद तक पहुंचे 2017 में भाजपा ने उन्हें दोबारा खैर से टिकट दिया। इस बार अनूप प्रधान ने जीत दर्ज की और विधानसभा पहुंचे। 2022 में पार्टी ने फिर उन पर भरोसा जताया और उन्होंने दूसरी बार खैर सीट जीती। इसके बाद उन्हें प्रदेश सरकार में राजस्व राज्यमंत्री की जिम्मेदारी मिली। विधायक से मंत्री बनने के बाद उनकी राजनीतिक पहचान अलीगढ़ से आगे बढ़ी। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें हाथरस की एससी आरक्षित सीट से मैदान में उतारा। पार्टी ने मौजूदा सांसद राजवीर सिंह का टिकट बदलकर अनूप प्रधान को प्रत्याशी बनाया। अनूप प्रधान चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे और अब सांसद के साथ प्रदेश संगठन में भी जिम्मेदारी मिल गई है। अब सांसद के साथ संगठन की भी जिम्मेदारी नई जिम्मेदारी पर अनूप प्रधान ने कहा कि भाजपा ने उन्हें गांव के प्रधान से लेकर विधायक, मंत्री और सांसद तक पहुंचाया है और अब एससी मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है। उन्होंने पार्टी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि वह राजनीतिक शुरुआत से ही संगठन के लिए काम करते आए हैं और आगे भी पार्टी के हित में काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में एससी वर्ग के बीच संगठन को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। अलीगढ़ की सियासी जमीन, हाथरस का संसदीय आधार अनूप प्रधान की नियुक्ति का स्थानीय कनेक्शन भी खास है। उनकी सियासी शुरुआत अलीगढ़ के खैर क्षेत्र से हुई। दो बार खैर से विधायक रहे और इसी दौरान संगठन में उनकी पहचान एससी मोर्चे के नेता के तौर पर बनी। इसके बाद हाथरस से सांसद बनने के बाद अब उन्हें प्रदेश एससी मोर्चे में जिम्मेदारी मिली है। यानी भाजपा संगठन में उनकी भूमिका अब खैर-अलीगढ़ की जमीनी राजनीति से निकलकर हाथरस और प्रदेश स्तर तक पहुंच गई है। एससी आरक्षित लोकसभा सीट से सांसद होने के साथ एससी मोर्चे में प्रदेश पद मिलने से उनके सामने अब संगठन की जिम्मेदारी का दायरा भी बढ़ गया है।

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