रविता-अमरदीप को कोर्ट का फैसला सुनते ही लगा सदमा:जेल में खाना छोड़ा, बैरक 12A के कोने में चद्दर ताने सोती रही, निगरानी बढ़ी
बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात में पति अमित कश्यप की हत्या के मामले में कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद रविता सदमे में आ गई है। कोर्ट से लौटने के बाद वह जिला कारागार की अपनी 12A महिला बैरक में पहुंची और चद्दर तानकर एक कोने में सो गई। उसने रात का खाना भी नहीं खाया। रविता के इस बदले व्यवहार की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन अलर्ट हो गया है। उसकी बैरक वाली महिला साथियों को ही उसकी निगरानी की जिम्मेदारी सौपी गई है। जेल प्रशासन यह वॉच कर रहा है कि वह पर्याप्त भोजन ले रही है या नहीं और उसकी मानसिक स्थिति में कोई और बदलाव तो नहीं आ रहा। फैसले के बाद बैरक में पसरी खामोशी
जेल अफसरों की माने तो कोर्ट से लौटने के बाद रविता किसी से बातचीत करने की स्थिति में नहीं दिखी। वह बैरक के एक कोने में चद्दर तानकर पड़ी रही। सामान्य दिनों में जिन महिला बंदियों के साथ वह बातचीत करती थी, उनसे भी उसने बात नहीं की। रात में भोजन के समय भी उसने खाना खाने से इनकार कर दिया। महिला बैरक में मौजूद बंदियों से कहा गया है कि वह रविता से बातचीत करती रहें और उसे अकेला न छोड़ें। अमरदीप की भी बढ़ीं धड़कनें, नींद गायब
उधर, इस हत्याकांड में रविता के साथ दोषी करार दिए गए अमरदीप की हालत भी जेल में सामान्य नहीं है। वह इस मामले में जमानत पर बाहर था और अदालत के फैसले के बाद दोबारा जेल पहुंचा है। जेल अधिकारियों के मुताबिक अमरदीप बेचैन है। उसकी धड़कनें बढ़ रही हैं और रात में उसे नींद नहीं आ रही। उसकी भी निगरानी बढ़ाई गई है। ऐसे खुली थी पति की हत्या की कहानी
हस्तिनापुर क्षेत्र के अकबरपुर सादान में अमित कश्यप की हत्या की इस कहानी ने लंबे समय तक पुलिस और ग्रामीणों को उलझाए रखा था। जांच में सामने आया कि अमित की पत्नी रविता का अमरदीप से प्रेम संबंध था। पुलिस के मुताबिक दोनों ने रास्ते से पति को हटाने की साजिश रची। अमित की हत्या के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच आगे बढ़ी तो रविता और अमरदीप की भूमिका सामने आई। रिश्ते से साजिश और फिर हत्या तक
पुलिस जांच में सामने आया कि रविता और अमरदीप के प्रेम संबंधों के बीच अमित आ गया था। इसके बाद पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई। साजिश को अंजाम देने के बाद अमित की हत्या कर दी गई। शुरुआत में घटना ने हादसे के रूप में पुलिस का ध्यान खींचा लेकिन जांच में सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर रविता और अमरदीप को आरोपी बनाया गया। हत्या को हादसा दर्शाने का किया प्रयास
दरअसल, रविता और अमरदीप ने मिलकर अमित का गला घोटा था। इस मौत को हादसे का रूप देने के लिए उसके शव के पास सांप छोड़ दिया। पोस्टमार्टम में हत्या के बाद सांप के काटने की पुष्टि हुई और पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। मामला अदालत पहुंचा तो अभियोजन की ओर से पेश साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनवाई आगे बढ़ी। अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया
ADJ 12 कोर्ट में यह मामला लगभग 542 दिन चला। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 12 गवाह पेश किये। आखिरकार अदालत ने रविता और अमरदीप को हत्या के मामले में दोषी करार दिया। सजा के फैसले के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। 16 अक्टूबर को रविता और अमरदीप को अदालत सजा सुनाएगी। दोनों पर जेल प्रशासन की खास नजर
अब अदालत के फैसले के बाद दोनों आरोपियों के व्यवहार में आए बदलाव ने जेल प्रशासन को सतर्क कर दिया है। रविता के खाना छोड़ने और खुद को अलग रखने के बाद महिला बैरक में निगरानी बढ़ाई गई है। वहीं, अमरदीप की बेचैनी और नींद न आने के कारण उस पर भी नजर रखी जा रही है। अधीक्षक बोले- खिलाया जा रहा खाना वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि रविता और अमरदीप की निगरानी बढ़ा दी गई है। दोनों को थोड़ा-थोड़ा खाना खिलाया जा रहा है। जेल प्रशासन का प्रयास है कि दोनों की दिनचर्या सामान्य बनी रहे और वह भोजन लेते रहें।
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