साहिल- मुस्कान को फांसी से संतुष्ट दिखे सौरव के परिजन:मां बोली न्यायिक व्यवस्था पर मजबूत हुआ भरोसा- फांसी पर लटका देख मिलेगा पूरा न्याय

Oct 14, 2026 - 20:50
0
साहिल- मुस्कान को फांसी से संतुष्ट दिखे सौरव के परिजन:मां बोली न्यायिक व्यवस्था पर मजबूत हुआ भरोसा- फांसी पर लटका देख मिलेगा पूरा न्याय
देश भर में चर्चित ब्लू ड्रम हत्याकांड में दोषी सिद्ध होने के बाद आज मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को न्यायालय द्वारा मृत्युदंड यानी फांसी की सजा सुनाई गई। इसके बाद कचहरी परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं ने जहां इस फैसले से खुश होकर जश्न मनाया तो वही मृतक सौरव राजपूत के भाई और मां ने भी न्यायालय के फैसले पर संतुष्टि जताई। बीती 30 सितंबर को दोषी करार दिए जाने के बाद आज जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा द्वारा दोनों को उजाई सुनाई गई। इस सजा को लेकर सुबह से ही लोगों और मौजूद अधिवक्ताओं में उत्सुकता दिखाई दे रही थी। कचहरी परिसर में मौजूद हर एक व्यक्ति आज सिर्फ यही जानना चाह रहा था कि आखिर क्या सजा सुनाई जाएगी। सौरभ राजपूत की मां रेनू ने कहा कि पहले दिन से ही हम माननीय न्यायालय से फांसी की अपील कर रहे थे । हमने यह भी कहा था कि अगर यहां फांसी नहीं दी जाती तो हम हाई कोर्ट में भी अपील करेंगे ,लेकिन न्यायालय ने आज जो फैसला दिया है उसे हम संतुष्ट तो हैं। उन्होंने कहा कि पूरा न्याय आज नहीं मिला है। मेरे बेटे की बेरहमी से हत्या करने वाली मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को जिस दिन फांसी पर लटकाया जाएगा और उनको फांसी हो जाएगी उसके बाद मुझे पूरा न्याय मिलेगा। न्याय हमे न्यायालय ने आज भी दिया है लेकिन आधा है। सौरभ के भाई राहुल उर्फ बबलू ने कहा कि जिस दर्दनाक और बेरहम तरीके से मेरे भाई की हत्या की गई थी उसके लिए फांसी से कम कोई सजा नहीं है। आज न्यायालय ने जो फैसला किया वह मेरे भाई को न्याय दिलाने में बहुत अहम और हमारी मांगों के अनुसार है । लेकिन अभी उसको फांसी पर लटकते देखना हमारे मन में यह एक इच्छा बाकी है जब यह पूरी हो जाएगी तब हम सोचेंगे कि हमारे भाई को नहीं मिला है। इसके साथ ही जेल में पल रही मुस्कान की बेटी के बारे में उन्होंने कहा कि पहले हमने उसका डीएनए कराए जाने के बारे में सोचा था लेकिन बाद में साहिल और मुस्कान द्वारा यह स्पष्ट कर दिया गया कि यह बच्ची उन्हीं की है इसलिए हमे उस संबंध में भी अब कोई कार्रवाई नहीं है। वहीं दूसरी ओर न्यायालय में फैसला आते ही कचहरी में अधिवक्ताओं ने भी खुशी मनाई। सजा सुनाए जाते ही पूरा न्यायालय भारत माता की जय, न्यायिक व्यवस्था जिंदाबाद के साथ जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा जिंदाबाद के भी नारों से गुंज उठा। वकीलों ने कहा कि यह कोर्ट की अवहेलना है लेकिन आज जो फैसला हुआ है वह नजीर बना है इसलिए हमने आवेश में आकर ऐसा कर दिया। इसके साथ ही कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं ने लड्डू बांटकर भी इस फैसले का स्वागत किया, और कहा कि आज का फैसला जिस प्रकार पहले कहा जाता कि मेरठ में इस प्रकार की घटना एक नजीर है उसी प्रकार से आज जो सजा इसमें सुनाई गई है वह भी मेरठ से एक नजीर बनकर सामने आई है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User