सांप काटने पर मरीज को पैदल न चलाएं:KGMU डॉक्टर बोलीं- काटे अंग को स्थिर रखें, तुरंत अस्पताल पहुंचाएं
सांप काटने पर झाड़-फूंक या घरेलू नुस्खों के चक्कर में समय गंवाने के बजाय मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाना चाहिए। इलाज में देरी जानलेवा हो सकती है। यह जानकारी KGMU फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग की डॉ.शिऊली राठौर ने दी। वह मंगलवार को KGMU फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग की ओर से आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि सांप काटने के बाद मरीज को शांत रखें। उसे पैदल चलाकर अस्पताल ले जाने के बजाय संभव हो तो वाहन या स्ट्रेचर से ले जाएं। काटे हुए अंग को स्थिर रखें और ज्यादा हिलाने-डुलाने से बचें। जख्म पर चीरा लगाना हो सकता है खतरनाक डॉ. शिऊली ने कहा कि काटे गए स्थान पर चीरा लगाना, खून निकालने की कोशिश करना या टांका लगाना जैसे घरेलू उपाय नहीं करने चाहिए। इससे जख्म गंभीर हो सकता है। संक्रमण और ज्यादा खून बहने का खतरा भी बढ़ सकता है। जड़ी-बूटी और झाड़-फूंक में समय गंवाने के बजाय सीधे चिकित्सा केंद्र पहुंचना चाहिए। हर सांप जहरीला नहीं होता, फिर भी जांच जरूरी उन्होंने बताया कि भारत में पाए जाने वाले करीब 70% सांप गैर-जहरीले होते हैं, जबकि करीब 30% सांप विषैले होते हैं। हालांकि सांप की पहचान खुद करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। सांप के काटने के हर मामले में चिकित्सकीय जांच और निगरानी जरूरी हो सकती है। सूजन, सांस में दिक्कत दिखे तो तुरंत अस्पताल पहुंचें जहरीले सांप के जहर का असर अलग-अलग तरह से दिख सकता है। काटने के बाद सूजन, दर्द, खून बहना, सांस लेने में परेशानी, कमजोरी, उलझन या बेहोशी जैसे लक्षण दिख सकते हैं। ऐसे लक्षणों में बिल्कुल देरी नहीं करनी चाहिए। समय पर इलाज मिलने से जहरीले सांप के काटने के मामलों में भी मरीज की जान बचाई जा सकती है।
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