दिल्ली जल बोर्ड मामले में सत्येंद्र जैन को राहत, राउज एवेन्यू कोर्ट ने दी जमानत
दिल्ली जल बोर्ड की सीवेज उपचार संयंत्र परियोजनाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में सत्येंद्र जैन को राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने 2 लाख रुपये के मुचलके पर उन्हें जमानत दे दी है। भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने जमानत का विरोध किया था।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 03 सितंबर 2026
दिल्ली जल बोर्ड की सीवेज उपचार संयंत्र परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को बड़ी राहत मिली है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को उन्हें जमानत दे दी। अदालत ने जमानत के लिए 2 लाख रुपये के निजी मुचलके और दो जमानतदारों की शर्त रखी है।
राउज एवेन्यू कोर्ट से मिली जमानत
दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को दिल्ली जल बोर्ड की सीवेज उपचार संयंत्र परियोजनाओं से जुड़े कथित घोटाले के मामले में जमानत मिल गई है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए 2 लाख रुपये के मुचलके पर रिहाई का आदेश दिया। इस फैसले से मामले में आरोपी सत्येंद्र जैन को फिलहाल बड़ी कानूनी राहत मिली है।
गिरफ्तारी को लेकर वकील ने रखी दलील
सुनवाई के दौरान सत्येंद्र जैन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरिहरन ने अदालत के सामने गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए। बचाव पक्ष ने कहा कि मामला दर्ज होने के करीब 27 महीने बाद सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किया गया। वकील के अनुसार, इस अवधि में उन्हें पूछताछ के लिए केवल एक बार बुलाया गया था और दोबारा बुलाए जाने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
बचाव पक्ष ने दस्तावेजों का दिया हवाला
सत्येंद्र जैन के वकील ने अदालत में दलील दी कि मामले से जुड़ी अधिकांश सामग्री दस्तावेजों के रूप में है। बचाव पक्ष के अनुसार, जांच एजेंसियां पहले ही मामले से संबंधित जरूरी दस्तावेज और अन्य सामग्री अपने कब्जे में ले चुकी हैं। ऐसे में आरोपी को हिरासत में रखने की आवश्यकता नहीं है और वह जमानत की शर्तों का पालन करते हुए जांच में सहयोग कर सकते हैं।
भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने जमानत का किया विरोध
वहीं, भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका का विरोध किया। जांच एजेंसी की ओर से अदालत में दावा किया गया कि सत्येंद्र जैन आदतन अपराधी हैं और जमानत पर फैसला करते समय इस पहलू को ध्यान में रखा जाना चाहिए। एजेंसी ने मामले की गंभीरता और जांच से जुड़े आरोपों का हवाला देते हुए जमानत न देने की मांग की थी।
क्या है दिल्ली जल बोर्ड का मामला
यह मामला दिल्ली जल बोर्ड की सीवेज उपचार संयंत्र परियोजनाओं के उन्नयन से जुड़े ठेकों में कथित अनियमितताओं का है। आरोप है कि कुछ ठेकों की निविदा शर्तों में कथित रूप से हेरफेर किया गया और इसके पीछे आपराधिक साजिश तथा संदिग्ध रिश्वत भुगतान की बात सामने आई। यह मामला मई 2024 में दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था।
18 अगस्त को हुई थी सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी
जांच एजेंसी ने सत्येंद्र जैन को 18 अगस्त को गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले 19 अगस्त को अदालत ने उनकी गिरफ्तारी को अवैध घोषित करने से इनकार कर दिया था। अब जमानत मिलने के बाद मामले में सत्येंद्र जैन को तत्काल राहत मिली है।
जमानत के बाद आगे क्या होगा
अदालत से जमानत मिलने का अर्थ यह नहीं है कि मामले में आरोप समाप्त हो गए हैं। जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी और मामले में लगाए गए आरोपों पर अदालत में सुनवाई होती रहेगी। फिलहाल राउज एवेन्यू कोर्ट के जमानत आदेश से सत्येंद्र जैन को इस मामले में हिरासत से राहत मिल गई है।
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