SC-ST कोर्ट ने खारिज की अविनाश पांडे के विरुद्ध याचिका:याचिका में अविनाश पांडे समेत नौ पुलिसकर्मियों-अधिकारियों के नाम थे शामिल, रवि बोले- हाईकोर्ट जाएंगे
मेरठ में 8 जुलाई की घटना में पुलिस पर थर्ड डिग्री देने और जातिगत भेदभाव के आधार पर कार्रवाई करने का आरोप लगाने वाले नोएडा निवासी रवि कुमार गौतम को अदालत से राहत नहीं मिली। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट की अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी। दूसरी ओर, रवि गौतम ने फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि साक्ष्य होने के बावजूद याचिका खारिज कर दी गई। 173 (4) BNNS के तहत डाली गई याचिका में तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडे समेत नौ पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को नामजद किया गया था, जबकि 50 अज्ञात पुलिसकर्मियों को भी आरोपी बनाया गया था। अदालत ने प्रतिवादी पक्ष की रिपोर्ट और मेरठ रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि याचिका में जिन धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं, उनके अनुसार आरोप साबित नहीं हो रहे हैं। ललिता गौतम की हत्या के मामले में ज्ञापन देने जा रहे थे रवि
रवि कुमार गौतम ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि 8 जुलाई को वह दलित ललिता गौतम की हत्या के मामले में ज्ञापन सौंपने के लिए डीएम कार्यालय जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उनके साथ थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया। रवि का आरोप था कि उनके साथ की गई कार्रवाई के पीछे जातिवादी मानसिकता थी। उन्होंने इस मामले में तत्कालीन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। SSP समेत नौ को किया था नामजद
- एसएसपी अविनाश पांडे।
- एसपी देहात अभिजीत कुमार।
- एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव।
- तत्कालीन सीओ सिविल लाइन विजय ज्योति राय।
- तत्कालीन सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना।
- तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक सिविल लाइन सौरभ शुक्ला।
- उप निरीक्षक उदय प्रताप सिंह (सिविल लाइन)
- उप निरीक्षक विकास कौशिक (लिसाड़ीगेट)
- उप निरीक्षक कमल सिंह (सिविल लाइन) अदालत में प्रतिवादी पक्ष की रिपोर्ट का हवाला
याचिका पर सुनवाई के दौरान प्रतिवादी पक्ष की रिपोर्ट का हवाला दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, रवि कुमार गौतम और उनके साथियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। यह भी उल्लेख किया गया कि उन्होंने डीएम कार्यालय के सामने करीब चार घंटे तक धरना दिया था, जिससे आम लोगों को परेशानी हुई। अदालत ने इस रिपोर्ट में दर्ज तथ्यों पर विचार किया। साथ ही मेरठ रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक की रिपोर्ट को भी आधार बनाया। आरोप साबित नहीं होने पर की टिप्पणी
अदालत ने याचिका में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध रिपोर्टों पर विचार करने के बाद इसे खारिज कर दिया। अदालत की टिप्पणी के अनुसार, जिन कानूनी धाराओं 109 (1), 115 (2), 351 (2), 352, 61 (2), 188, 199, 299 BNS और 3(2)5 एससी/एसटी एक्ट के तहत याचिका दाखिल की गई थी, उनके मुताबिक आरोप साबित नहीं हो रहे हैं। इस फैसले से याचिका में नामजद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को इस कार्यवाही में राहत मिली है। फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे रवि गौतम याचिका खारिज होने के बाद रवि कुमार गौतम ने कहा कि वह न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उनका दावा है कि घटना से संबंधित साक्ष्य होने के बावजूद उनकी याचिका खारिज कर दी गई। अब इस मामले में अगला कदम हाईकोर्ट में चुनौती देने का होगा। फिलहाल, विशेष अदालत में दाखिल याचिका खारिज होने के बाद मामले की कानूनी लड़ाई आगे बढ़ाने की तैयारी है। एक नजर सिलसिलेवार घटनाक्रम पर - रवि गौतम के अनुसार, 8 जुलाई को ललिता गौतम की हत्या के मामले में ज्ञापन देने के लिए डीएम कार्यालय जाते समय पुलिस ने उनके साथ थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया। - तत्कालीन एसएसपी समेत नौ नामजद और 50 अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ अदालत में याचिका दी गई। - पुलिस पक्ष ने रवि और उनके साथियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने तथा डीएम कार्यालय के सामने चार घंटे धरना देने का उल्लेख किया गया। - याचिका पर सुनवाई के दौरान मेरठ रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक की रिपोर्ट पर भी अदालत ने विचार किया। - 15 अक्टूबर को विशेष एससी-एसटी अदालत ने याचिका खारिज कर दी। - रवि गौतम ने फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की घोषणा की। रवि गौतम व साथियों पर लगे यह आरोप - बिना अनुमति के महापंचायत का आयोजन करना। - रवि और उनके दोस्तों का आपराधिक इतिहास। - वक्ताओं ने डीएम कार्यालय के बाहर भड़काऊ भाषण दिए। - ज्ञापन देने की बात गलत है, महापंचायत के पोस्टर थे हाथ में। - पुलिस को नहीं पता था कि रवि गौतम दलित समाज से हैं। - चार घंटे जाम लगाकर जनता को किया गया परेशान। - डीएम ने धारा 163 BNS (पूर्व में धारा 144) लगा रखी थी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)