सई नदी में बाढ़ से रायबरेली के कई गांव बेहाल:स्वराज इंडिया ने जिलाधिकारी से तत्काल राहत और मुआवजे की मांग की
रायबरेली जिले में सई नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से नदी तट के आसपास बसे दर्जनों गांवों में गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। पानी घरों में घुसने से कई कच्चे-पक्के मकान क्षतिग्रस्त होकर गिर चुके हैं, जिससे स्थानीय निवासी भारी संकट का सामना कर रहे हैं। स्थिति का जायजा लेने के बाद स्वराज इंडिया के जिलाध्यक्ष रामविलास एडवोकेट के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने दिन बृहस्पतिवार दोपहर 2:00 बजे बछरांवा ब्लॉक के प्रभावित गांवों—दैजुआ खेड़ा, मुसाही खेड़ा, मैनाहार कटरा और पस्तौर सहित कई अन्य क्षेत्रों का दौरा किया और पीड़ित ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझा। विद्यालय जाना पूरी तरह से बंद बाढ़ के कारण क्षेत्र की वर्तमान स्थिति अत्यंत चिंताजनक है उन्होंने बताया की ग्रामीणों को खाने-पीने और दैनिक जरूरतों की वस्तुओं के लिए जान जोखिम में डालकर गहरे पानी से गुजरना पड़ रहा है। सड़कों और रास्तों में पानी भर जाने के कारण स्कूली बच्चों का विद्यालय जाना पूरी तरह से बंद हो गया है। नदी किनारे स्थित किसानों की हजारों बीघा तैयार फसल जलमग्न होकर पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। इसके साथ ही पालतू मवेशियों के लिए चारे का बड़ा संकट पैदा हो गया है। स्वराज इंडिया के पदाधिकारीयों ने रायबरेली की ज़िलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका को 'मांग पत्र' सौंपते हुए मांग की है कि पीड़ित गांवों में तुरंत राशन किट, पीने का स्वच्छ पानी, त्रिपाल और आवश्यक दवाइयां वितरित की जाएं। फसलों का उचित व अविलंब मुआवजा ग्रामीणों के सुरक्षित आवागमन के लिए तुरंत नावों की व्यवस्था की जाए तथा पालतू पशुओं के लिए हरे चारे व भूसे का प्रबंध किया जाए। जलस्तर घटते ही राजस्व विभाग की टीमों द्वारा तत्काल सर्वे कराकर प्रभावित परिवारों के क्षतिग्रस्त मकानों तथा नष्ट हुई फसलों का उचित व अविलंब मुआवजा दिया जाए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के स्कूली बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था कर उनकी शिक्षा को सुलभ बनाया जाए।
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