सेना के ट्रक ने छात्रा-महिला को कुचला, दोनों की मौत:झांसी में भंडारा खाने गई थी, ऑटो खराब होने पर पैदल जा रही थी, दो घंटे तक फंसी रही लाश

Sep 27, 2026 - 06:52
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सेना के ट्रक ने छात्रा-महिला को कुचला, दोनों की मौत:झांसी में भंडारा खाने गई थी, ऑटो खराब होने पर पैदल जा रही थी, दो घंटे तक फंसी रही लाश
झांसी में शनिवार रात को सेना के ट्रक ने 5वीं क्लास की छात्रा और एक महिला को कुचल दिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वे गांव की 20 महिलाओं के साथ भंडारा खाने लगभग 14 किलोमीटर दूर एक मंदिर पर गई थी। लोडिंग गाड़ी खराब होने पर सभी पैदल आ रही थी। इस दौरान ट्रैंक लोड करके आ रहे सेना के ट्रक बेकाबू हो गया और दोनों को कुचल दिया। आसपास चल रही महिलाएं बाल-बाल बच गई। हादसे में छात्रा का सिर पहिए के नीचे आ गया, जबकि महिला ट्रक के नीचे फंस गई। सबसे पहले छात्रा के शव को निकाल लिया गया, जबकि महिला का शव ट्रक के नीचे बुरी तरह फंस गया। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ट्रक को हटाकर शव को बाहर निकाला जा सका। हादसे के बाद सेना और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सेना ने लगभग 500 मीटर के एरिया को सील कर दिया। किसी को अंदर नहीं जाने दिया। परिजन भी दूर खड़े रहे। हादसा बबीना थाना क्षेत्र में टूंका रोड पर रेलवे क्रॉसिंग के पास हुआ है। 3 तस्वीरें… अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए महिला के पति की 2 साल पहले मौत हो चुकी मृतकों की पहचान अंगूरी अहिरवार (45) पत्नी मनीराम अहिरवार और सेजल (13) पुत्री बद्रीप्रसाद अहिरवार के रूप में हुई है। दोनों झांसी बॉर्डर से सटे मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले के चकरपुर गांव में आस-पड़ोस में रहती थीं। अंगूरी के पति मनीराम की दो साल पहले मौत हो गई थी। उसकी 3 बेटियां और एक बेटा है। दो बेटी वर्षा (30) और रश्मि (24) की शादी हो चुकी है, जबकि अभिषेक (20) और कुमकुम (18) अविवाहित हैं। अंगूरी मजदूरी करती थी। वहीं, सेजल के पिता ब्रदीप्रसाद अहिरवार मजदूरी करते हैं। उनकी 3 बेटी और एक बेटा था। इसमें अंजली (18), अनिकेत (16), सेजल (13) और अंशिका (12) थे। सेजल की मां का नाम मीना देवी है। किराए से लोडिंग करके ले गए थे मृतका के पिता बद्रीप्रसाद अहिरवार ने बताया- मेरे गांव से लगभग 14 किलोमीटर दूर बबीना छावनी के रातौली गांव के पास कारसदेव ठाकुर बाबा मंदिर है। शनिवार को मंदिर पर भंडारे का आयोजन था। मेरी बेटी सेजल अपनी दादी कस्तूरी, बहन अंजली और अंशिका, पड़ोसी अंगूरी, उनकी बेटी कुमकुम और जेठानी की बहू राधा समेत गांव की 20 महिलाओं-बच्चों के साथ भंडारे में गई थी। सभी किराए पर लोडिंग गाड़ी करके ले गए थे। भंडारा खाकर लौटने लगे तो गाड़ी खराब हो गई। तब सभी पैदल घर की तरफ आ रहे थे। रात करीब 8:30 बजे लगभग 3 किलोमीटर दूर टूंका रोड पर रेलवे कॉसिंग के पास पहुंचे तो टैंक से लदा सेना के ट्रक ने बेटी सेजल और पड़ोसी अंगूरी को कुचल दिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। बाकी आसपास चल रहे लोग बाल-बाल बच गए। घरवालों को भी पास नहीं जाने दिया अंगूरी के दामाद रविदास ने बताया- हादसे की सूचना पर हम लोग मौके पर पहुंच गए। लेकिन सेना ने लगभग 500 मीटर दूर ही एरिया को सील कर दिया। इसके बाद किसी को अंदर नहीं जाने दिया। हम लोग कहते रहे कि हमारे लोगों की मौत हो गई है। जब दोनों शव जाने लगे तब भी गाड़ी में नहीं बैठने दे रहे थे। तब हम लोगों ने विरोध किया तो शव वाहन में बैठाया गया। जांच की जा रही है एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया कि हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। दोनों शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

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