शामली में एनएचएम संविदा कर्मचारियों का धरना:10 लाख की कैशलेस सुविधा, समान काम-समान वेतन और नियमित भर्ती में 25% कोटा मांगा
शामली में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। शुक्रवार को दूसरे दिन भी कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय पर धरना दिया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर चल रहे आंदोलन में शामली के साथ थानाभवन, कुड़ाना और ऊन क्षेत्र के कर्मचारी भी शामिल हुए। संगठन ने मांगें पूरी नहीं होने पर 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है। ज्ञापन देने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप कर्मचारियों का कहना है कि 22 सितंबर को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंपा गया था। इसमें लंबे समय से सेवाएं दे रहे संविदा कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की गई थी। संगठन का आरोप है कि अब तक शासन स्तर से कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के विरोध में कर्मचारियों ने चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया है। नियमितीकरण और समान काम-समान वेतन की मांग जिलाध्यक्ष संगीत शर्मा और जिला महामंत्री मुब्बशिर खान के नेतृत्व में कर्मचारियों ने नियमितीकरण को प्रमुख मांग बनाया है। संगठन के अनुसार, कई कर्मचारी 15 से 20 साल से अधिक समय से स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारियों ने नियमितीकरण होने तक समान काम-समान वेतन लागू करने और मौजूदा वेतन में बढ़ोतरी कर सम्मानजनक मानदेय देने की मांग की है। 10 लाख की कैशलेस सुविधा और डीए भी मांगा कर्मचारियों ने स्वयं और आश्रित परिवार के सदस्यों के लिए कम से कम 10 लाख रुपए की फैमिली फ्लोटर कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा देने की मांग की है। इसके अलावा महंगाई भत्ता (डीए), प्रभावी ईपीएफ और नियोक्ता अंशदान, एचआरए, चिकित्सा इकाइयों पर राजकीय आवास और ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग भी रखी गई है। स्थानांतरण नीति और अनुकंपा नियुक्ति की मांग ज्ञापन में रिक्त पदों पर गैर जनपद स्थानांतरण, आपसी सहमति से म्यूचुअल ट्रांसफर और स्वयं के अनुरोध पर स्थानांतरण की नीति बहाल करने की मांग की गई है। साथ ही सेवा के दौरान किसी संविदा कर्मचारी की मृत्यु होने पर पात्र आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देने के लिए नीति बनाने की मांग भी उठाई गई है। नियमित भर्ती में 25 प्रतिशत कोटा मांगा संगठन ने एनएचएम के तहत जिला और ब्लॉक स्तर पर आउटसोर्स के माध्यम से तैनात एमसीटीएस, आईडीएसपी, एचएमआईएस डाटा ऑपरेटर और कोविड-19 कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने की मांग की है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की नियमित भर्तियों में एनएचएम संविदा कर्मचारियों के लिए कम से कम 25 प्रतिशत सीटें निर्धारित करने की मांग भी की गई है। 12 अक्टूबर से लखनऊ में हड़ताल की चेतावनी संगठन के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत 5, 6 और 7 अक्टूबर को कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर काम करते हुए विरोध जताया था। इसके बाद 8, 9 और 10 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने या राज्य प्रतिनिधिमंडल से सार्थक वार्ता नहीं होने पर 12 अक्टूबर से प्रदेशभर के एनएचएम संविदा कर्मचारी लखनऊ पहुंचकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे। कर्मचारियों ने कहा कि वे टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीबी नियंत्रण और अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सरकार से मांगों का जल्द समाधान करने की अपील की।
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