शामली में वाहन चोर गिरोह के 3 आरोपी गिरफ्तार:14 चोरी की बाइक बरामद, दिल्ली और हरियाणा से चुराकर उत्तराखंड में बेचने का प्लान
शामली के झिंझाना में पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर बंद पड़े ईंट-भट्ठे से चोरी की 13 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं, जबकि एक बाइक उनके कब्जे से मिली। पुलिस के मुताबिक, कुल 14 मोटरसाइकिलें दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग स्थानों से चोरी की गई थीं। गिरोह चोरी के वाहनों को उत्तराखंड में बेचता था। मामले में एक अन्य आरोपी मुर्सलीन उर्फ बटे फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। चेकिंग के दौरान पकड़े गए तीन आरोपी पुलिस के अनुसार, एसपी एनपी सिंह के निर्देश पर गुरुवार को संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान ऊन-थानाभवन रोड पर संत निरंकारी आश्रम के सामने एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों को रोककर तलाशी ली गई। उनकी पहचान कांधला के मोहल्ला खेल निवासी इंतजार पुत्र मुन्तयाज, झिंझाना क्षेत्र के खानपुर कलां निवासी रामसेवक उर्फ बबलू पुत्र ज्ञाना और पावटी कलां निवासी इरफान पुत्र मेहन्दा के रूप में हुई। पुलिस को उनके पास मिली हीरो स्प्लेंडर प्लस बाइक कांधला क्षेत्र से चोरी की बताई गई। बंद पड़े भट्ठे से मिलीं 13 बाइक पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर ऊन-थानाभवन रोड स्थित एक बंद पड़े ईंट-भट्ठे से 13 अन्य मोटरसाइकिलें बरामद कीं। इस तरह कुल 14 बाइक बरामद हुईं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी मास्टर चाबी से दोपहिया वाहनों के लॉक खोलकर बाइक चोरी करते थे। इसके बाद उन्हें अलग-अलग जगहों पर छिपा देते थे। चोरी की मोटरसाइकिलों को बेचने के उद्देश्य से बंद भट्ठे के पास एकत्र किया गया था। उत्तराखंड में बेचने का आरोप, एक आरोपी फरार पुलिस का कहना है कि गिरोह चोरी की मोटरसाइकिलें उत्तराखंड में बेचता था और इससे मिलने वाली रकम आपस में बांट लेता था। मामले में मुर्सलीन उर्फ बटे भी शामिल बताया गया है, जो पुलिस कार्रवाई के दौरान फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। रामसेवक का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ झिंझाना थाने में वाहन चोरी समेत अन्य मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। रामसेवक उर्फ बबलू का पूर्व आपराधिक इतिहास भी बताया गया है। बरामद मोटरसाइकिलों के रजिस्ट्रेशन नंबरों के आधार पर उनके मालिकों और संबंधित मुकदमों की जानकारी जुटाई जा रही है। तीनों आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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