सहारनपुर में वोट चोरी के विरोध में सपा का प्रदर्शन:पुलिस से धक्का-मुक्की; कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया
सहारनपुर में वोट चोरी के आरोपों के विरोध और लोकतंत्र व संविधान बचाने की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। लोकतंत्र बचाओ सप्ताह के तहत पार्टी कार्यालय पर जुटे कार्यकर्ता जिला मुख्यालय की ओर जाने लगे। पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक के साथ धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने कुछ कार्यकर्ताओं को पकड़कर वाहनों में बैठा लिया। काफी देर तक चले घटनाक्रम के बाद प्रदर्शनकारियों को स्टेडियम के पास रोक दिया गया। यहां एसडीएम ने सपा नेताओं से ज्ञापन लिया। इसके बाद कार्यकर्ता वापस पार्टी कार्यालय लौट गए। सपा जिलाध्यक्ष अब्दुल वहीद ने बताया कि पार्टी के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही कई जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को रात में उनके घरों पर हाउस अरेस्ट कर लिया था। इसके बावजूद कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय पर एकत्रित हुए और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने के लिए जिला मुख्यालय की ओर रवाना हुए। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को रास्ते में रोकने के दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बनी। लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई सड़क तक पहुंची प्रदर्शन के दौरान सहारनपुर देहात से सपा विधायक आशु मलिक ने कहा कि 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक प्रदेश में लोकतंत्र बचाओ सप्ताह मनाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत समाजवादी पार्टी और गठबंधन के नेता वोट चोरी के मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना था कि यह लड़ाई लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए है और इसे सड़क तक ले जाया जा रहा है। आशु मलिक ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध की आवाज को दबाने के बजाय उसे सुना जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोध करने वाले लोगों और अलग-अलग वर्गों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उनके मुताबिक, विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट है और समाजवादी पार्टी लोकतंत्र तथा संविधान से जुड़े सवालों को लेकर संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने सरकार की नीतियों को लेकर भी सवाल उठाए। आशु मलिक ने कहा कि मौजूदा हालात लंबे समय तक नहीं चलेंगे। उन्होंने दावा किया कि सरकार के प्रति असंतोष केवल समाजवादी कार्यकर्ताओं में नहीं, बल्कि आम जनता के बीच भी है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर जनता का विश्वास नहीं रह गया है, उन्हें नैतिकता के आधार पर अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए। पुलिस ने आगे बढ़ने से रोका सपा कार्यकर्ताओं के जिला मुख्यालय की ओर बढ़ने के दौरान पुलिस बल ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों के बीच बहस और धक्का-मुक्की हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कुछ कार्यकर्ताओं को मौके से हटाकर वाहनों में बैठाया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों को स्टेडियम के पास रोककर वहीं ज्ञापन लेने की व्यवस्था की गई। एसडीएम ने सपा नेताओं से ज्ञापन लिया। ज्ञापन सौंपने के बाद कार्यकर्ता वापस पार्टी कार्यालय लौट गए। प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने वोट चोरी के आरोपों की जांच कराने, लोकतांत्रिक तरीके से विरोध की अनुमति देने और संविधान व लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा की मांग उठाई।
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