शिक्षक एमएलसी चुनाव की तैयारियों पर शिक्षकों की बैठक:मऊ में पुरानी पेंशन और समान वेतन का मुद्दा उठा, चुनाव दलगत राजनीति से अलग
मऊ में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ की बैठक निजी प्लाजा में हुई। दोपहर करीब 3:30 बजे आयोजित बैठक में सैकड़ों शिक्षकों ने हिस्सा लिया। इसमें आगामी शिक्षक विधान परिषद चुनाव की तैयारियों और शिक्षकों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। शिक्षक नेताओं ने कहा कि उनके अनुसार चुनाव राजनीतिक दलों के आधार पर नहीं, बल्कि शिक्षकों के मुद्दों और उनके लिए किए गए संघर्ष के आधार पर लड़ा जाएगा। शिक्षक नेता डॉ. राकेश सिंह ने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं, लेकिन उनके संगठन के अनुसार शिक्षक उन प्रत्याशियों का समर्थन करेंगे जो शिक्षक संगठनों और शिक्षकों के हितों के लिए संघर्ष करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह विधानसभा या लोकसभा का चुनाव नहीं है, बल्कि शिक्षक विधान परिषद के प्रतिनिधि का चुनाव कर रहे हैं। इसलिए इसमें शिक्षकों के मुद्दे और संगठन का संघर्ष महत्वपूर्ण होना चाहिए। पुरानी पेंशन की बहाली प्रमुख मुद्दा बैठक में पुरानी पेंशन योजना की बहाली को प्रमुख मुद्दा बताया गया। शिक्षक नेताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन की बहाली के लिए उनका संघर्ष लंबे समय से जारी है। उनका कहना था कि सरकार की ओर से लाई गई यूपीएस व्यवस्था उनका अंतिम लक्ष्य नहीं है और संगठन पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल कराने के लिए आगे भी आंदोलन जारी रखेगा। समान कार्य-समान वेतन की मांग वित्तविहीन शिक्षकों की सेवा दशा और उन्हें उचित मान्यता देने का मुद्दा भी उठाया गया। शिक्षक नेताओं ने समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग को भी प्रमुख मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों से जुड़े ये विषय लंबे समय से संगठन के एजेंडे में हैं और इनके समाधान के लिए लगातार संघर्ष किया जा रहा है। शिक्षकों से संपर्क का दावा शिक्षक नेताओं ने बताया कि चुनाव को लेकर विभिन्न क्षेत्रों में शिक्षकों से संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने का दावा किया और कहा कि शिक्षक अपने मुद्दों को लेकर बदलाव के पक्ष में हैं। नेताओं ने कहा कि उनके अनुसार चुनाव में जीत किसी व्यक्ति या संगठन की नहीं, बल्कि शिक्षकों के संघर्ष की जीत होगी। 23 अक्टूबर को मतदान की अपील शिक्षक नेताओं ने शिक्षकों से अपील की कि 23 अक्टूबर को होने वाले चुनाव में शिक्षक हितों को ध्यान में रखते हुए मतदान करें। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर खड़े होंगे तो शिक्षक और शिक्षक संगठन की जीत होगी। बैठक में भाजपा और सपा समेत विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े प्रत्याशियों के मैदान में होने को लेकर भी चर्चा हुई। शिक्षक नेताओं ने कहा कि शिक्षक इस चुनाव को दलगत राजनीति से अलग रखते हुए शिक्षकों के मुद्दों के आधार पर निर्णय लें।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)