शिया पीजी कॉलेज में आरटीआई प्रवर्तन दिवस मनाया:पोस्टर मेकिंग और संगोष्ठी में छात्रों ने लोकतंत्र व पारदर्शिता पर चर्चा की
सूचना का अधिकार लोकतंत्र को मजबूत बनाने और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसी विषय पर शिया पीजी कॉलेज के विधि संकाय स्थित विधिक सहायता केंद्र ने आरटीआई प्रवर्तन दिवस पर दो चरणों में कार्यक्रम आयोजित किया। पहले चरण में पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता हुई। इसमें एलएलबी के विभिन्न सेमेस्टरों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। मानसी सिंह ने पहला, अर्शिया अली ने दूसरा और मन्तशा कुरैशी ने तीसरा स्थान हासिल किया। निर्णायक मंडल में डॉ. एजाज हुसैन, डॉ. छत्रपाल और डॉ. प्रीति मिश्रा शामिल रहे। परिणामों की घोषणा डॉ. धर्मेंद्र कुमार और विधिक सहायता केंद्र के उप निदेशक डॉ. उग्रसेन वर्मा ने की। प्रतियोगिता डॉ. वहीद आलम के पर्यवेक्षण में हुई। कानूनी जागरूकता आत्मविश्वासकों बढ़ती है प्रो. एस. सादिक हुसैन आबिदी ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं से विद्यार्थियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और कानूनी जागरूकता बढ़ती है। उन्होंने विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। दूसरे चरण में ‘सूचना के अधिकार की भूमिका: पारदर्शिता और सुशासन’ विषय पर संगोष्ठी हुई। सूचना अधिकारी डॉ. अजयवीर, डॉ. छत्रपाल और डॉ. वहीद आलम ने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि आरटीआई नागरिकों को सरकारी कार्यप्रणाली से जुड़ी जानकारी हासिल करने का अधिकार देता है। इससे प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ती है और सुशासन को मजबूती मिलती है। नागरिक सशक्तीकरण में इसकी भूमिका बताई डॉ. वहीद आलम ने आरटीआई के संवैधानिक आधार और नागरिक सशक्तीकरण में इसकी भूमिका बताई। उन्होंने विद्यार्थियों से कानूनी जागरूकता फैलाने की अपील की। इस दौरान डॉ. पीके गर्ग, डॉ. कमलजीत मणि मिश्रा, डॉ. पुलकित, डॉ. विनय कुमार तिवारी, डॉ. नूरीन जैदी, डॉ. प्रिया सिंह और डॉ. प्रीति मिश्रा सहित अन्य शिक्षक शामिल हुए।
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