श्रावस्ती मे 6 छात्राओं को एक दिन का अफसर बनाया:आईटीआई प्रिंसिपल नाहिद, थाना अध्यक्ष बनीं शालिनी और प्रधान और मैनेजर बनी छात्राएं

Oct 14, 2026 - 12:55
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श्रावस्ती मे 6 छात्राओं को एक दिन का अफसर बनाया:आईटीआई प्रिंसिपल नाहिद, थाना अध्यक्ष बनीं शालिनी और प्रधान और मैनेजर बनी छात्राएं
श्रावस्ती में मिशन शक्ति के छठे चरण मे बालिकाओं को सशक्त, आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से कस्तूरबा गांधी बालिका इंटर कॉलेज में सराहनीय पहल की गई।बुधवार दोपहर 12:00 बजे कस्तूरबा विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि छात्राओं को एक दिन के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों की जिम्मेदारी सौंपकर उन्हें प्रशासनिक कार्यप्रणाली से रूबरू कराया गया। छात्राओं ने अधिकारियों की भूमिका निभाते हुए अपने-अपने पदों से जुड़े कार्यों को समझा और जिम्मेदारियों के निर्वहन की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के तहत कक्षा छह की छात्रा नाहिद को एक दिन के लिए आईटीआई का प्रिंसिपल बनाया गया। वहीं, कक्षा सात की छात्रा योग्यता मौर्य ने एक दिन के ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी संभाली। इसके अलावा सौम्या गौतम को क्षेत्रीय वन अधिकारी, मन्तशा जेहरा को प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, शालिनी वर्मा को थाना अध्यक्ष और प्रियंका मौर्य को बैंक मैनेजर की भूमिका सौंपी गई। अलग-अलग पदों पर जिम्मेदारी मिलने से छात्राओं को संबंधित विभागों के कामकाज और अधिकारियों की भूमिका को करीब से समझने का अवसर मिला। एक दिन की अधिकारी बनी छात्राओं ने अपने पद से संबंधित कार्यप्रणाली को समझते हुए जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी हासिल की। इस पहल के माध्यम से उन्हें यह समझाने का प्रयास किया गया कि प्रशासनिक, सामाजिक, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और बैंकिंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उचित अवसर, शिक्षा और आत्मविश्वास के बल पर बालिकाएं भी इन क्षेत्रों में आगे बढ़कर अपनी पहचान बना सकती हैं। मिशन शक्ति के तहत आयोजित इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में आत्मनिर्भरता, निर्णय लेने की क्षमता, नेतृत्व कौशल और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को प्रेरित किया गया कि वे अपने लक्ष्य निर्धारित करें और प्रतिभा, मेहनत तथा आत्मविश्वास के साथ उन्हें हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ें। यह पहल बालिकाओं को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें वास्तविक जीवन में विभिन्न पदों की जिम्मेदारियों से परिचित कराने का माध्यम बनी।इस तरह के प्रयासों से छात्राओं में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलने के साथ ही समाज में महिला सशक्तीकरण और समान अवसरों के प्रति सकारात्मक संदेश भी पहुंचता है।

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