श्रावस्ती में मां शैलपुत्री की पूजा से नवरात्र का आगाज:सजे दुर्गा पंडाल, नौ दिन तक होगी मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा, प्रशासन भी अलर्ट
श्रावस्ती। जनपद में रविवार को शारदीय नवरात्र का शुभारंभ हो गया। पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। नवरात्र को लेकर जिलेभर में भक्तिमय माहौल है। दुर्गा पूजा समितियों की ओर से जगह-जगह पंडालों को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। कई स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित कर पूजा शुरू कर दी गई, जबकि अन्य पंडालों में देर शाम प्रतिमा स्थापना और कलश यात्रा के आयोजन की तैयारी की गई। नवरात्र के नौ दिनों तक श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना करेंगे। पूजा पंडालों में रंग-बिरंगी रोशनी, आकर्षक सजावट और धार्मिक आयोजनों की तैयारियां चल रही हैं। पर्व को लेकर आयोजकों और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। मंदिरों और पूजा स्थलों पर भक्त मां के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं। दुर्गा पूजा और नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क है। जिले के विभिन्न दुर्गा पंडालों में सुरक्षा ड्यूटी लगाई गई है। प्रशासन की ओर से शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी की जा रही है, ताकि धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें। पंडित सुधाकर शर्मा ने बताया कि नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। मां शैलपुत्री को पर्वतराज हिमालय की पुत्री माना जाता है। उनके एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे हाथ में कमल का पुष्प सुशोभित होता है तथा उनका वाहन वृषभ है। उन्होंने बताया कि नौ दिनों तक नौ देवियों की आराधना के बाद दसवें दिन दशहरा मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान राम ने भी रावण पर विजय प्राप्त करने से पहले शक्ति की आराधना की थी। दशहरा बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)