सहसवान में गरजा भारतीय किसान यूनियन:कर्जमाफी की मांग को लेकर प्रदर्शन, बदायूं तहसील परिसर में जुटे अन्नदाता
बदायूं के सहसवान में किसानों की विभिन्न समस्याओं और कर्जमाफी की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को तहसील परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। धरने का नेतृत्व भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष रमाशंकर शंखधार ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान तहसील परिसर में एकत्र हुए और सरकार से किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान कराने की मांग उठाई। धरने को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि किसान लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। फसल की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों को उनकी उपज का उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में बैंक और अन्य संस्थाओं से लिए गए कर्ज की अदायगी किसानों के लिए मुश्किल होती जा रही है। किसान नेताओं ने सरकार से किसानों के कर्ज माफ किए जाने की मांग की। भाकियू नेताओं ने आरोप लगाया कि बड़े उद्योगपतियों के करोड़ों रुपए के कर्ज माफ किए जाते हैं, लेकिन किसानों पर कर्ज की अदायगी को लेकर दबाव बनाया जाता है। उन्होंने इसे सरकार की दोहरी नीति बताते हुए कहा कि अन्नदाता के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। किसानों ने कहा कि खेती-किसानी को बचाने के लिए सरकार को किसानों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए ठोस कदम उठाने होंगे। धरने के दौरान किसान नेताओं ने किसानों से एकजुट रहने और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान केवल आश्वासन से नहीं, बल्कि धरातल पर ठोस कार्रवाई से होना चाहिए। भाकियू पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की कर्जमाफी समेत अन्य मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन आंदोलन को और व्यापक करने के लिए बाध्य होगा। धरने के दौरान किसानों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और सरकार से शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
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