सीतापुर में आशा वर्कर्स ने मानदेय बढ़ाने की मांग उठाई:मांगे पूरी न होने तक काम बंद करने की दी चेतावनी
सीतापुर में मानदेय बढ़ाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन ने गुरुवार दोपहर करीब 2:30 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। यूनियन की अध्यक्ष आरती रस्तोगी ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं का काम 24 घंटे का है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें निश्चित मानदेय नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार से आशा और संगिनी कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी कर निश्चित भुगतान व्यवस्था लागू करने की मांग की। आरती रस्तोगी ने बताया कि मानदेय समेत अन्य मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी से मुलाकात की। उनके अनुसार डीएम ने आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़वाने का आश्वासन दिया और काम जारी रखने को कहा। हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि मांगों को लेकर अगली बैठक कब होगी और मानदेय बढ़ाने की प्रक्रिया कब तक पूरी होगी। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को इसके लिए निश्चित तारीख बताई जानी चाहिए। यूनियन की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा गया है कि 7 फरवरी 2026 को स्वास्थ्य मंत्री और यूनियन पदाधिकारियों के बीच हुई वार्ता में 13 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनी थी। इसमें आशा और संगिनी के आधारभूत भुगतान में राज्यांश 1500 रुपये से बढ़ाकर 7500 रुपये करने, मातृत्व अवकाश, जीवन बीमा राशि 2 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने और स्वास्थ्य बीमा कवर देने समेत कई मांगें शामिल थीं। यूनियन का आरोप है कि मांगों को लागू करने के लिए अपर प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित हुई, लेकिन कमेटी की रिपोर्ट के बाद अंतिम बैठक अब तक नहीं बुलाई गई। विभिन्न अभियानों की प्रोत्साहन राशि भी लंबित होने का दावा किया गया है। आयुष्मान कार्ड, गोल्डन कार्ड, कोविड-19, कुष्ठ रोग, टीबी, फाइलेरिया, नसबंदी और आभा आईडी बनाने से संबंधित भुगतान भी लंबित बताए गए हैं। अध्यक्ष के मुताबिक सीतापुर में करीब 150 से अधिक आशा कार्यकर्ता इस मांग को लेकर जुटी हैं। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक काम नहीं करने की बात आशा बहनों की ओर से कही जा रही है।
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