समाज का तिरस्कार बर्दाश्त नहीं...अब आर-पार की लड़ाई होगी:सहारनपुर में त्यागी–ब्राह्मण महाकुंभ में राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सम्मान का मुद्दा उठा; पूर्व सांसद बोले- चुनौतियों के बावजूद न झुका है समाज, न झुकेगा

Oct 11, 2026 - 17:22
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समाज का तिरस्कार बर्दाश्त नहीं...अब आर-पार की लड़ाई होगी:सहारनपुर में त्यागी–ब्राह्मण महाकुंभ में राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सम्मान का मुद्दा उठा; पूर्व सांसद बोले- चुनौतियों के बावजूद न झुका है समाज, न झुकेगा
सहारनपुर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश दौरे के करीब एक महीने के भीतर देवबंद में आयोजित त्यागी ब्राह्मण महाकुंभ ने समाज की राजनीतिक ताकत और भागीदारी का मुद्दा फिर चर्चा में ला दिया। रविवार को मां त्रिपुर बाला सुंदरी की धरती पर आयोजित महाकुंभ में हजारों की संख्या में समाज के लोग पहुंचे। ट्रैक्टर-ट्रॉली, कारों और अन्य वाहनों से पहुंचे लोगों की भीड़ के चलते देवबंद में कई घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। कार्यक्रम में वक्ताओं ने समाज के सम्मान, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और एकजुटता पर जोर दिया। त्यागी भूमिहार ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मांगे राम त्यागी ने भाजपा पर समाज की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि अब तिरस्कार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि समाज को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला तो इस बार आर-पार की लड़ाई होगी। वहीं, पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने समाज को राष्ट्रवादी बताते हुए एकजुट रहने का आह्वान किया। उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला तो आर-पार की लड़ाई होगी महाकुंभ में सबसे मुखर तरीके से राजनीतिक भागीदारी का मुद्दा मांगे राम त्यागी ने उठाया। त्यागी भूमिहार ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भाजपा पर समाज की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिस तरह समाज का तिरस्कार किया जा रहा है, उसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समाज अपने सम्मान और अधिकारों के सवाल पर पीछे हटने वाला नहीं है। मांगे राम त्यागी ने साफ कहा कि यदि समाज को उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिला तो इस बार आर-पार की लड़ाई होगी। उनके इस बयान ने महाकुंभ के राजनीतिक संदेश को और स्पष्ट कर दिया। मंच से उठी इस आवाज के केंद्र में समाज को राजनीतिक स्तर पर उचित भागीदारी दिलाने और उसकी मांगों को गंभीरता से लेने का मुद्दा रहा। महाकुंभ में जुटे लोगों के बीच समाज की एकता और राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर हुई चर्चा से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि समाज अपनी मांगों को लेकर संगठित है। मांगे राम त्यागी के बयान को भाजपा के प्रति समाज की नाराजगी और आगामी राजनीतिक परिस्थितियों में अपनी भूमिका मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। राष्ट्रवादी समाज है त्यागी ब्राह्मण, न झुका है और न झुकेगा महाकुंभ में पहुंचे पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने त्यागी ब्राह्मण समाज को राष्ट्रवादी बताते हुए कहा कि समाज ने हमेशा देशहित में काम किया है। उन्होंने कहा कि तमाम चुनौतियों और साजिशों के बावजूद समाज न कभी झुका है और न झुकेगा। राघव लखनपाल शर्मा ने समाज के लोगों से एकजुट रहने का आह्वान किया। उनके संबोधन में समाज की पहचान, सम्मान और सामूहिक ताकत को प्रमुखता दी गई। उन्होंने समाज के लोगों को अपनी एकता बनाए रखने और एकजुट होकर आगे बढ़ने का संदेश दिया। महाकुंभ में उनके बयान को समाज की एकजुटता और उसकी सामूहिक भूमिका से जोड़कर देखा गया। कार्यक्रम में राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठने के बीच उन्होंने समाज की राष्ट्रवादी पहचान पर जोर दिया। ब्राह्मण समाज एक है और हमेशा एक रहेगा कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष सुधीर त्यागी ने भी समाज की एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज एक है और हमेशा एक रहेगा। उनके संबोधन में समाज को एकजुट रखने और आपसी एकता मजबूत करने का संदेश प्रमुख रहा। जिला अध्यक्ष सुशील त्यागी, वरिष्ठ समाजसेवी जुगनू त्यागी और मनीष त्यागी समेत अन्य वक्ताओं ने भी महाकुंभ को संबोधित किया। वक्ताओं ने समाज के सम्मान, राजनीतिक भागीदारी और अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि समाज को अपनी मांगों के लिए एकजुट रहना होगा। कार्यक्रम में अलग-अलग वक्ताओं के संबोधन का प्रमुख केंद्र समाज की सामूहिक ताकत और राजनीतिक हिस्सेदारी रहा। मंच से उठे बयानों के जरिए समाज को अपनी मांगों के प्रति सजग रहने और एकता बनाए रखने का संदेश दिया गया। ट्रैक्टर-ट्रॉली और कारों से पहुंचे हजारों लोग, कई घंटे जाम त्यागी ब्राह्मण महाकुंभ में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली, कारों और दूसरे वाहनों से देवबंद पहुंचे। लोगों की भीड़ के साथ वाहनों की आवाजाही बढ़ने से शहर के कई मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। कई घंटे तक जाम की स्थिति बनी रहने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आयोजन में उमड़ी भीड़ को आयोजकों ने समाज की एकजुटता के रूप में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बीच राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सम्मान के मुद्दे प्रमुखता से उठे। मंच से दिए गए बयानों ने आयोजन को केवल सामाजिक एकजुटता तक सीमित नहीं रखा, बल्कि राजनीतिक भागीदारी की मांग को भी सामने रखा। नितिन नवीन के दौरे के बाद सियासी संदेश देने की कोशिश भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश दौरे के करीब एक महीने के भीतर देवबंद में हुए इस आयोजन ने क्षेत्र की राजनीति में समाज की भूमिका को लेकर चर्चा बढ़ा दी है। महाकुंभ में भाजपा पर उपेक्षा के आरोप लगाए गए और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग उठाई गई। ऐसे में आयोजन को समाज की राजनीतिक अपेक्षाओं और उसकी सामूहिक ताकत के प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।

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