सम्भल में आशा संगिनियों ने सरकार के खिलाफ लगाए नारे:'एक कचौड़ी, दो समोसा, मोदी तेरा किया भरोसा' के नारे से गूंजा सीएचसी, 6 मांगों को लेकर धरना
गुरुवार को 11 बजे से 2 बजे तक धरना चला जिसमे “एक कचौड़ी, दो समोसा, मोदी तेरा किया भरोसा।” सम्भल में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर धरने पर बैठी आशा वर्कर्स और आशा संगिनियों का यह नारा चर्चा का विषय बना हुआ है। अपनी मांगों को लेकर लगातार धरना दे रहीं महिलाओं ने इस नारे के जरिए सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की। धरने पर बैठी महिलाओं का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को उठाती आ रही हैं, लेकिन उन्हें अब तक अपेक्षित राहत नहीं मिली है। ऐसे में महिलाओं ने नारेबाजी कर अपनी आवाज बुलंद की। छह मांगों को लेकर जारी है धरना आशा वर्कर्स और आशा संगिनियों की मांग है कि उन्हें राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए। उनका कहना है कि आशा वर्कर्स को न्यूनतम 18 हजार रुपये और आशा संगिनियों को 24 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाए। महिलाओं ने अपनी मांगों में मानदेय के साथ सामाजिक सुरक्षा और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को भी प्रमुखता दी है। धरने पर बैठी महिलाओं ने सभी आशा वर्कर्स और आशा संगिनियों का निःशुल्क जीवन बीमा कराने की मांग की है। उनका कहना है कि दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और घायल होने पर उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। इसके अलावा सेवानिवृत्ति के समय एकमुश्त 10 लाख रुपये देने की मांग भी उठाई गई है। आशा संगिनियों ने क्षेत्र में काम करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी, 5जी मोबाइल या टैबलेट उपलब्ध कराने के साथ प्रधानमंत्री अथवा मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ देने की मांग की है। इसके अलावा पदोन्नति, मातृत्व अवकाश और ईपीएफ व ईएसआई की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी शामिल है। धरने के दौरान महिलाओं ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की। “एक कचौड़ी, दो समोसा, मोदी तेरा किया भरोसा” के नारे ने धरने को अलग पहचान दी। महिलाओं का आंदोलन अपनी छह प्रमुख मांगों को लेकर जारी है। इस मौके पर नीतू सिंह, कविता चौधरी, कुसुम शर्मा, सीमा रानी, पूनम शर्मा सहित अन्य महिलाएं मौजूद रहीं।
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