सम्भल में धारा 148 के नोटिसों से किसानों में आक्रोश:7 अक्टूबर को भाकियू असली की पंचायत, गांव-गांव जाकर कर रहे संपर्क
सम्भल में धारा 148 के नोटिसों को लेकर किसानों में बढ़ते आक्रोश के बीच भारतीय किसान यूनियन असली अराजनैतिक ने 7 अक्टूबर को किसान पंचायत की तैयारी तेज कर दी है। सोमवार को 5 बजे तक संगठन ने दर्जनों गांवों में पहुंचकर किसानों से संपर्क किया। संगठन ने साल 2016 के सर्किल रेट पर अलीगढ़-मुरादाबाद ग्रीन कॉरिडोर और औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध किया है। भूमि अधिग्रहण के मुद्दे को लेकर किसानों की नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। आगामी 7 अक्टूबर को प्रस्तावित किसान पंचायत को सफल बनाने के लिए भाकियू असली अराजनैतिक के पदाधिकारियों ने सोमवार को क्षेत्र के कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान किसानों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं पर चर्चा की गई और पंचायत में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया गया। संगठन की ओर से भीकमपुर जागीर, कैरोला गर्भी, सिकंदरपुर खागी, भोपतपुर, मोलनपुर और दीपपुर समेत कई ग्राम पंचायतों में किसानों से संपर्क किया गया। बैठकों में प्रशासन की ओर से किसानों को भेजे जा रहे धारा 148 के नोटिसों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। किसानों ने नोटिस जारी किए जाने को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण से पहले किसानों की समस्याओं और उनकी आपत्तियों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। भाकियू असली के जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह यादव ने कहा कि वर्ष 2016 से 2026 तक जमीनों के सर्किल रेट में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में वर्ष 2016 के सर्किल रेट के आधार पर किसानों की जमीनों का अधिग्रहण स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अलीगढ़-मुरादाबाद ग्रीन कॉरिडोर और औद्योगिक गलियारे के लिए किसानों की जमीनों का अधिग्रहण पुराने सर्किल रेट पर हरगिज नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान अपने अधिकारों और जमीन के उचित मूल्य को लेकर एकजुट हैं। 7 अक्टूबर की पंचायत में किसानों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। सोमवार को हुए जनसंपर्क अभियान में संगठन ने गांव-गांव किसानों को पंचायत की जानकारी दी। पंचायत की अध्यक्षता जयवीर सिंह यादव ने की, जबकि संचालन मोरध्वज यादव ने किया। इस मौके पर ऋषिपाल सिंह यादव, मोहन सिंह यादव, रामनरेश, सूरजपाल, कृष्णपाल, बिल्लू, भूर सिंह, भूप सिंह, विद्याराम, गिरिराज, ओमपाल, सोहन पाल, गंगा प्रसाद, रामकिशोर, दिनेश, बाबूजी, मुनेश, आसाराम, नेताजी समेत अन्य किसान मौजूद रहे।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)