संभल की टीले वाली दरगाह पर बैरक मेला:हजारों अकीदतमंदों ने मांगी अमन-चैन की दुआ, मेले में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब
संभल में सदर कोतवाली क्षेत्र के शेर खां सराय स्थित टीले वाली दरगाह पर रविवार को पारंपरिक बैरक मेले का आयोजन किया गया। सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक चले मेले में हजारों अकीदतमंद पहुंचे। सय्यद बदीउद्दीन जिंदा शाह मदार और हजरत निजामुद्दीन सब्ज़वारी के मजार-ए-मुबारक पर आयोजित इस मेले में आस्था और आपसी भाईचारे की झलक देखने को मिली। चादरपोशी और कुल शरीफ के साथ शुरुआत मेले का शुभारंभ दरगाह परिसर में चादरपोशी और कुल शरीफ के साथ हुआ। अकीदतमंदों ने मुल्क और शहर में अमन, शांति, खुशहाली और भाईचारे के लिए दुआएं मांगीं। इस दौरान दरगाह परिसर ‘दम मदार बेड़ा पार’ के नारों से गूंज उठा। झूले और दुकानों पर उमड़ी भीड़ मेले में लोगों के मनोरंजन के लिए झूले लगाए गए। पकवानों, खेल-खिलौनों और अन्य सामान की दुकानें भी सजीं। बच्चों और महिलाओं ने मेले का आनंद लिया। दूर-दराज से आए अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लोगों की मौजूदगी ने आपसी सौहार्द का संदेश दिया। लंगर और तबर्रुक का इंतजाम दरगाह की इंतजामिया कमेटी की ओर से अकीदतमंदों के लिए लंगर और तबर्रुक की व्यवस्था की गई। कमेटी के सदस्य पूरे दिन व्यवस्थाएं संभालते रहे, ताकि जायरीन को परेशानी न हो। कमेटी के सदस्य मोहम्मद फैजान वारसी ने बताया कि बैरक मेले का आयोजन हर साल की तरह इस बार भी पारंपरिक तरीके से किया गया। उन्होंने कहा कि कमेटी का प्रयास रहता है कि दरगाह पर आने वाले लोगों को अमन, मोहब्बत और भाईचारे का संदेश मिले। अली अहमद वारसी ने कहा कि टीले वाली दरगाह लंबे समय से अमन और मोहब्बत की प्रतीक रही है। यहां सभी धर्मों और समुदायों के लोगों का आना इसकी खास पहचान है। इस अवसर पर सैय्यद मुशर्रफ हुसैन, सैय्यद असद हुसैन, सैय्यद सौहराब अली, सैय्यद अरशद हुसैन, कासिम खां, नफीस अहमद और बब्बन समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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