संभल में झाड़ियों में मिले नवजात की हालत गंभीर:पैर की हड्डी तक दिख रही, 96 घंटे से जिला अस्पताल में चल रहा इलाज
संभल के गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के गांव गंगावास में झाड़ियों में मिले नवजात की हालत गंभीर बनी हुई है। संभल जिला अस्पताल में पिछले 96 घंटे से नवजात का एनआईसीयू में उपचार चल रहा है। बच्चे के पैर में किसी जानवर के काटने के निशान हैं। घाव इतना गहरा है कि काफी मांस क्षतिग्रस्त हो चुका है और हड्डी तक दिखाई दे रही है। मंगलवार से शनिवार शाम 4 बजे तक उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ है। पैर में गहरा घाव, स्किन ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है चिकित्सकों के मुताबिक, अज्ञात नवजात को 13 तारीख की शाम करीब 6:30 बजे गुन्नौर थाने की पुलिस अस्पताल लेकर पहुंची थी। भर्ती करने के बाद उसका उपचार शुरू किया गया। घाव में संक्रमण फैलने से रोकने के लिए दवाइयां दी जा रही हैं। शुरुआती उपचार के दौरान एंटी-टेटनेस सीरम भी लगाया गया था। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे के पैर में काफी अधिक मांस क्षतिग्रस्त हो चुका है। घाव की गंभीरता को देखते हुए आगे स्किन ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है। इसके लिए उसे दूसरे अस्पताल में रेफर करने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। गोबर डालने जा रही महिला को सुनाई दी थी रोने की आवाज मंगलवार को गांव गंगावास निवासी 55 वर्षीय गीता गोबर डालने जा रही थीं। इसी दौरान उन्हें झाड़ियों से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने नवजात को झाड़ियों में पड़ा देखा। इसके बाद गांव पहुंचकर चौकीदार भूरे को सूचना दी। चौकीदार की जानकारी पर पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को अस्पताल पहुंचाया। नवजात को झाड़ियों में किसने छोड़ा, जांच जारी घटना के बाद गांव में हलचल मच गई थी। नवजात के पैर में गंभीर चोट मिलने से उसके उपचार को लेकर चिंता बढ़ गई है। बच्चे को झाड़ियों में किसने छोड़ा और उसके पैर में चोट कैसे लगी, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। फिलहाल डॉक्टर उसकी हालत पर लगातार नजर रख रहे हैं और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में जुटे हैं।
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