संभल में साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा:पेट्रोल पंप के खाते में डलवाते थे फ्रॉड का पैसा, 2% कमीशन लेकर देते थे कैश, सेल्समैन समेत 5 गिरफ्तार
संभल पुलिस ने साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा करते हुए पेट्रोल पंप के सेल्समैन समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ऑनलाइन फ्रॉड की रकम पेट्रोल पंप के लेनदेन खाते में डलवाने के बाद 2 प्रतिशत कमीशन लेकर कैश देते थे। सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने साइबर क्राइम थाना पुलिस की कार्रवाई का खुलासा किया। इस दौरान सीओ संभल कुलदीप कुमार भी मौजूद रहे। पुलिस ने मनु शर्मा पुत्र महेश चंद्र शर्मा निवासी सारंगपुर थाना कैलादेवी, प्रशांत सिंह राघव पुत्र बिजेंद्रपाल सिंह निवासी पंवासा थाना बहजोई, आदित्य पुत्र सुरेंद्र कुमार निवासी मिलक शाहपुर चामरान थाना हजरतनगर गढ़ी, नरेंद्र कुमार पुत्र स्व. रामौतार निवासी मडलाइ थाना रजपुरा और सुनील कुमार पुत्र हिम्मत सिंह निवासी कुआंखेड़ा थाना बिलारी, मुरादाबाद को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक मनु शर्मा से पूछताछ में उसने साथी आदित्य के साथ मिलकर पेट्रोल पंप के खाते में ऑनलाइन फ्रॉड का पैसा डलवाने और उसके बदले कमीशन लेकर कैश देने की बात स्वीकार की। इसके बाद आदित्य से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह प्रशांत सिंह राघव और गौतम वार्ष्णेय के लिए काम करता है। एटीएम कार्ड स्वाइप कर निकालते थे फ्रॉड की रकम पुलिस के अनुसार आदित्य पेट्रोल पंप पर एटीएम कार्ड स्वाइप कर ऑनलाइन फ्रॉड की रकम कैश में निकालकर संबंधित लोगों तक पहुंचाता था। इसके अलावा भोले-भाले और अनपढ़ लोगों को लालच देकर उनके बैंक खाते खुलवाने, खातों की KYC कराने और उनके नाम पर सिम लेकर साइबर ठगी के लिए उपलब्ध कराने का काम भी किया जाता था। पेट्रोल पंप के दो सेल्समैन भी गिरफ्तार विवेचना के दौरान संभल शहर के जनता पेट्रोल पंप के सेल्समैन नरेंद्र कुमार और सुनील कुमार के नाम सामने आए। पुलिस ने दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने बताया कि पांचों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस के मुताबिक पेट्रोल पंप के मालिक ऋषभ रस्तोगी ने भी अपने पेट्रोल पंप के अकाउंट के कहीं और से होल्ड होने की जानकारी दी थी। जियो पेट्रोल पंप से जुड़ी 4 शिकायतों की जांच एसपी ने बताया कि जियो पेट्रोल पंप के खिलाफ हैदराबाद समेत दक्षिण भारत के कई स्थानों से चार शिकायतें मिली हैं। पुलिस टीम इन शिकायतों के संबंध में भी जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि आरोपी प्रशांत सिंह राघव वर्ष 2020 में बरेली के थाना बारादरी क्षेत्र में फर्जी कॉल सेंटर और ऑनलाइन फ्रॉड के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस को इस नेटवर्क से जुड़े कुछ कथित मास्टरमाइंड के दिल्ली और राजस्थान में होने की भी जानकारी मिली है। इनके संबंध में टीम जांच कर रही है।
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