संभल पुलिस ने पिता समेत तीन को जेल भेजा:दो कंपनियों से 15-15 लाख लिए, तीसरी बीमा कंपनी में 50 लाख का दावा

Oct 13, 2026 - 09:11
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संभल पुलिस ने पिता समेत तीन को जेल भेजा:दो कंपनियों से 15-15 लाख लिए, तीसरी बीमा कंपनी में 50 लाख का दावा
संभल में बेटे की मौत की 2 साल बाद 50 लाख रुपए का बीमा पॉलिसी लेने वाले पिता सहित दो अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया है। निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी के एजेंट की शिकायत पर बीती 11 अक्टूबर को पुलिस ने पिता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। मृतक की पत्नी के बयान और मुरादाबाद नगर निगम के पार्षद के लेटर पैड से पूरे फर्जी मामले का खुलासा हुआ है। उक्त पूरा घटनाक्रम संभल के जिला मुख्यालय बहजोई से 26 किलोमीटर दूर तहसील गुन्नौर के थाना रजपुरा क्षेत्र के गांव मलिकपुर में दिखाए गए फर्जी सड़क हादसे से जुड़ा है। मंगलवार की सुबह 07 बजे थाना प्रभारी संदीप चौधरी ने बताया कि बीमा एजेंट दिनेश गुप्ता की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज करने के बाद नेमपाल सिंह पुत्र राजपाल सिंह निवासी एकता कॉलोनी, थाना मझोला एवं मुस्तेजाब हुसैन पुत्र जवारुल हुसैन निवासी गांव डोमघर व मोहम्मद जावेद पुत्र अमजद हुसैन निवासी गांव मंसूरपुर थाना कुंदरकी जनपद मुरादाबाद को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया उनकी गिरफ्तार कल सोमवार की गई है। पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया कि मृतक के परिजनों से मिलकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज में कोर्ट रचनाकार मृतक व्यक्ति का बीमा कराकर बीमा की एक किस्त जमा करने के बाद संबंधित विवाह कंपनी में भर्ती एवं कोर्ट रचित दस्तावेजों के सारे क्लेम कर दावा प्रस्तुत करते हैं। ICI लोंबार्ड से ₹15 लाख तथा यूनाइटेड इंश्योरेंस से ₹15 लाख प्राप्त कर लिए। लेकिन तीसरी बीमा कंपनी से ₹50 लाख का दावा करने पर धोखाधड़ी का खुलासा हो गया। निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी ने जांच की तो पता चला कि 8 फरवरी 2024 को नेमपाल के बेटे सचिन कुमार की मौत हो चुकी है। 8 अगस्त 2026 को दावा किया गया पॉलिसी 27 जून 2026 को ली गई और 8 अगस्त 2026 को दावा किया गया, बीमा पॉलिसी लेने के बाद ₹5,179 की एक किस्त जमा की गई। बीमा कंपनी को 14 सितंबर 2026 को सचिन कुमार की मौत होने की सूचना दी गई थी। दावा सामने आने के बाद सत्यापन के लिए एमेबल कंसलटेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को नियुक्त किया गया था। संभल में फर्जी बीमा क्लेम का मामला आपको बता दें कि इससे पहले भी संभल में फर्जी बीमा क्लेम के मामले सामने आ चुके हैं। तत्कालीन ASP (दक्षिणी) अनुकृति शर्मा ने 100 करोड रुपए से अधिक का फर्जी बीमा घोटाला पड़ा था। 48 लोगों को इस मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया जिसमें बैंक मैनेजर, बीमा कंपनी एजेंट, आशा, एएनएम, ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव जैसे लोग भी शामिल थे।

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