संजय यदुवंशी समेत समर्थकों पर तीन केस:तिकोनिया पार्क में प्रदर्शन करने पहुंचे थे, आंबेडकर की तस्वीर फाड़ने और तोड़फोड़ का आरोप
सुलतानपुर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर संजय यदुवंशी के नेतृत्व में तिकोनिया पार्क में हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने तीन मुकदमे दर्ज किए हैं। शुक्रवार रात दर्ज मामलों में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, धार्मिक और सामाजिक भावनाएं आहत करने और बिना अनुमति भीड़ जुटाने के आरोप लगाए गए हैं। एक शिकायत में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर फाड़कर पैरों तले कुचलने का भी आरोप है। तीनों मुकदमे नगर पालिका कर्मचारी, शहर निवासी एक व्यक्ति और भारत विकास परिषद के अध्यक्ष की तहरीर पर दर्ज किए गए हैं। एक मामले में संजय समेत 250 अज्ञात लोगों, दूसरे में संजय समेत चार नामजद लोगों और तीसरे में संजय समेत 12 नामजद व 25 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपों की जांच कर साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पार्क की बाउंड्री और गेट तोड़ने का आरोप नगर पालिका परिषद के तिकोनिया पार्क प्रभारी सुशील कुमार श्रीवास्तव की तहरीर पर दर्ज पहले मुकदमे में प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ का आरोप लगाया गया है। शिकायत के मुताबिक, तिकोनिया पार्क की बाउंड्रीवाल और स्वामी विवेकानंद पार्क में स्टेनलेस स्टील से बनी बाउंड्री व गेट को क्षतिग्रस्त किया गया। पार्क में लगी लोहे और स्टील की जाली भी तोड़ने का आरोप है। नगर पालिका प्रशासन के आकलन के मुताबिक, इस घटना में करीब 2.5 लाख रुपये की सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान हुआ। इस मामले में संजय यदुवंशी समेत 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आंबेडकर की तस्वीर फाड़ने की शिकायत शहर के करौदिया निवासी सुभाष सोनकर की तहरीर पर दूसरे मामले में संजय यदुवंशी, अंबुज यादव, शहजहान पठान और अनिल समेत अन्य लोगों पर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर फाड़कर हवा में उछाली गई, सड़क पर फेंकी गई और पैरों से कुचली गई। शिकायत में कहा गया है कि इस कृत्य से अनुसूचित जाति समाज की भावनाएं आहत हुईं। पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं के साथ एससी-एसटी एक्ट के तहत भी कार्रवाई की है। विवेकानंद और राजीव गांधी की प्रतिमाओं के अपमान का आरोप भारत विकास परिषद के अध्यक्ष एडवोकेट अभय शर्मा की तहरीर पर तीसरा मुकदमा दर्ज हुआ है। इसमें आरोप है कि बिना प्रशासनिक अनुमति सैकड़ों समर्थक तिकोनिया पार्क में जुटे। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग स्वामी विवेकानंद और भारत रत्न राजीव गांधी की प्रतिमाओं पर चढ़ गए और परिसर में तोड़फोड़ की। शिकायत में पार्क में लगे धार्मिक चिह्नों, गेट और रेलिंग को नुकसान पहुंचाने, आंबेडकर की तस्वीर फाड़ने और नारेबाजी करने के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायत के मुताबिक, पार्क के बाहर मुख्य सड़क पर जाम लगने से आम लोगों और स्कूली बच्चों को आवागमन में परेशानी हुई। इस मामले में संजय यदुवंशी समेत 12 नामजद और 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
खान बाबा पर हमले के मामले से जुड़ा है विवाद विवाद की शुरुआत सितंबर में कोतवाली नगर क्षेत्र के तुराबखानी निवासी खान बाबा पर हुए जानलेवा हमले के मामले से जुड़ी है। इस मामले में पहले ही मुकदमा दर्ज हुआ था। सोमवार रात धम्मौर पुलिस ने संजय यदुवंशी के घर दबिश दी थी। इस दौरान पुलिस पर दीवार फांदकर घर में घुसने और परिजनों से गाली-गलौज करने के आरोप लगे। मंगलवार को अखिलेश यादव ने घटना का वीडियो एक्स पर साझा किया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया। गुरुवार को संजय ने इसी मामले में अंतरिम जमानत ली। उसे 13 अक्टूबर को अदालत में पेश होना है। इसके बाद शुक्रवार को उसने पुलिस कार्रवाई के विरोध में तिकोनिया पार्क में करीब पांच घंटे प्रदर्शन किया। इसमें कई जिलों से लोग पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को चार सूत्रीय मांगपत्र सौंपा गया, जिसमें धम्मौर थाना प्रभारी समेत पुलिसकर्मियों को निलंबित करने, पहले दर्ज मुकदमे की दोबारा जांच कराने, शिकायतकर्ता शबीब रजा के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के आरोप में एफआईआर दर्ज करने और संजय पर दर्ज पुराने मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग शामिल थी। एसपी विनीत जायसवाल ने तीनों मुकदमे दर्ज होने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले दर्ज कर जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)