सपा सांसद धनराज नाथवानी ने लिया राज्यसभा का विजय प्रमाणपत्र:अखिलेश यादव दिल्ली दौरे के कारण नहीं पहुंचे; माता प्रसाद पांडेय की मौजूदगी में मिला सर्टिफिकेट

Oct 12, 2026 - 14:28
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सपा सांसद धनराज नाथवानी ने लिया राज्यसभा का विजय प्रमाणपत्र:अखिलेश यादव दिल्ली दौरे के कारण नहीं पहुंचे; माता प्रसाद पांडेय की मौजूदगी में मिला सर्टिफिकेट
समाजवादी पार्टी के नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद धनराज नाथवानी सोमवार, 12 अक्टूबर को गुजरात से लखनऊ पहुंचे। उन्होंने विधान भवन पहुंचकर ऑफिसर से अपना विजय प्रमाणपत्र प्राप्त किया। इस दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव के उपस्थित रहने की चर्चाएं थीं, लेकिन अपने तय दिल्ली दौरे के चलते वे लखनऊ नहीं पहुंच सके। अखिलेश यादव की गैरमौजूदगी में यूपी विधानसभा में नेता विरोधी दल माता प्रसाद पांडेय और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष जासमीर अंसारी उनके साथ मौजूद रहे। 9 अक्टूबर को आए थे नतीजे, 10 सीटों पर हुआ था चुनाव उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर हुए चुनाव में सभी उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। इनमें भाजपा के 8 और सपा के 2 प्रत्याशी शामिल हैं। 9 अक्टूबर को परिणाम घोषित होते ही भाजपा के सभी आठों नवनिर्वाचित सांसदों ने मौके पर पहुंचकर अपने विजय प्रमाणपत्र ले लिए थे। उस समय सपा के दोनों प्रत्याशी मौजूद नहीं थे। धनराज नाथवानी ने पहले ही सोशल मीडिया पर जानकारी साझा कर दी थी कि वे शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व के अवसर पर 12 अक्टूबर को ही अपना सर्टिफिकेट लेंगे। नाथवानी बोले- 'अखिलेश के विजन को आगे ले जाना ही लक्ष्य' विधान भवन में प्रमाणपत्र लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए धनराज नाथवानी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के कार्यकाल की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा- ‘अखिलेश यादव का विजन उत्तर प्रदेश के विकास को लेकर बहुत स्पष्ट रहा है। उनके कार्यकाल में प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर, एजुकेशन और डेवलपमेंट के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम हुए हैं। राज्य में एक्सप्रेस-वे का जाल बिछा, मेट्रो नेटवर्क शुरू हुआ और विश्वस्तरीय स्टेडियम बने।’ पीएम मोदी की तारीफ के बाद आए थे विरोधियों के निशाने पर हाल ही में धनराज नाथवानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर उनके समर्थन में एक सोशल मीडिया पोस्ट के कारण चर्चा में आ गए थे। उन्होंने पीएम मोदी के नेतृत्व, राष्ट्र निर्माण और समर्पण की सराहना करते हुए एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें लिखा था- ‘25 वर्षों का नेतृत्व, 25 वर्षों की प्रतिबद्धता, सेवा के संकल्प के 25 साल।’ इस पोस्ट में गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक की उनकी यात्रा का उल्लेख किया गया था। इस पोस्ट के सामने आते ही विपक्षी दलों और सपा के आंतरिक गुटों में सवाल उठने लगे थे। हालांकि, अखिलेश यादव ने सभी अटकलों को खारिज करते हुए उन्हें राज्यसभा भेजकर उद्योग और विकास केंद्रित राजनीति की ओर अपनी प्रतिबद्धता जताई। नथवानी को टिकट देने से सपा को क्या फायदा? नथवानी के जरिए सपा की बड़े कारोबारी समूहों और उद्योग जगत तक पहुंच बढ़ सकती है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह सपा के लिए एक नया राजनीतिक संपर्क बन सकता है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट इस फैसले को अखिलेश की बड़े कारोबारियों से जुड़ने की रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं। इसकी तुलना 2004 से भी की जा रही है। उस समय मुलायम सिंह यादव के समर्थन से अनिल अंबानी राज्यसभा पहुंचे थे। तब यूपी में रिलायंस को बड़े पावर प्रोजेक्ट मिलने को लेकर भी राजनीतिक चर्चा हुई थी। --------------- ये भी पढ़ें- कांग्रेस ऑफिस में मारपीट पर इमरान बोले-कार्यकर्ता गलती करते हैं:सपा से गठबंधन आत्मसमर्पण जैसा नहीं होगा; यूपी में सम्मानजनक सीटों पर लड़ेंगे यूपी कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद ने पद संभालते ही 2027 चुनाव की रणनीति और सपा-कांग्रेस गठबंधन पर अपनी राय साफ कर दी। सीटों के बंटवारे पर इमरान मसूद ने कहा कि गठबंधन आत्मसमर्पण जैसा नहीं होगा। पूरा इंटरव्यू पढ़िए…

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