सरेआम पीटे गए डॉक्टर बोले- छेड़खानी में मुझे फंसाया गया:सिद्धार्थनगर के हॉस्पिटल में NEET स्टूडेंट अचानक चिल्लाई, बोली- प्राइवेट पार्ट छुआ

Oct 18, 2026 - 14:16
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सरेआम पीटे गए डॉक्टर बोले- छेड़खानी में मुझे फंसाया गया:सिद्धार्थनगर के हॉस्पिटल में NEET स्टूडेंट अचानक चिल्लाई, बोली- प्राइवेट पार्ट छुआ
सिद्धार्थनगर के एक हॉस्पिटल में NEET छात्रा के प्राइवेट पार्ट छूने के आरोप में उसके परिवार वालों ने सरकारी डॉक्टर की जमकर धुनाई कर दी। वह खुद को बेकसूर बताते रहे, पर उनकी एक न सुनी गई। यह पूरा मामला जिला मुख्यालय से 22 किमी दूर बांसी कोतवाली तिराहे के पास 13 अक्टूबर का है। दैनिक भास्कर ने इस मामले को इन्वेस्टिगेट किया तो कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं। 5 महीने पहले सरकारी हॉस्पिटल में हुए विवाद से इस पूरे मामले को जोड़कर देखा जा रहा है। आखिर वह विवाद क्या था, सरकारी डॉक्टर खुद को बेकसूर क्यों बता रहे हैं, ऐसे सवालों का जवाब जानने के लिए हमने डॉक्टर से संपर्क किया। उन्होंने भास्कर के साथ डिटेल में बात की। खुद को बेकसूर बताया। कहा- मुझे फंसाया गया है। पढ़िए यह रिपोर्ट.… पढ़िए पूरी घटना को लेकर डॉक्टर का पक्ष… डॉक्टर बोले- जांच के बाद रिपोर्ट देकर चली गई थी युवती गोरखपुर के रहने वाले डॉ. लक्ष्मी शंकर सिंह सरकारी अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के पद पर तैनात हैं। दैनिक भास्कर से बाचतीच में उन्होंने कहा- 13 अक्टूबर को दोपहर करीब 2 बजे के बाद मेरी सरकारी ड्यूटी खत्म हो गई थी। इसके बाद मैं बांसी कोतवाली से कुछ दूरी पर स्थित डायमंड डायग्नोस्टिक्स एंड पैथोलॉजी सेंटर के ऊपर बने अपने किराए के कमरे पर पहुंचा। हॉस्पिटल में रहने का इंतेजाम नहीं है। इसलिए मैं वहां रहता हूं। कभी-कभी नीचे सेंटर पर मरीजों का अल्ट्रासाउंड भी करता हूं। इस बीच बांसी के राप्ती नगर की रहने वाली एक युवती अल्ट्रासाउंड कराने पहुंची। वह पिछले करीब डेढ़ साल से लखनऊ में रहकर NEET की तैयारी कर रही है। युवती ने पेट में दर्द होने की बात कही थी। उसके पास किसी डॉक्टर की पर्ची नहीं थी। फिर भी मैंने उसका अल्ट्रासाउंड किया। अल्ट्रासाउंड करने के दौरान मैंने उसकी पढ़ाई के बारे में पूछा था। उसने NEET की तैयारी करने और रोज पांच घंटे पढ़ने की बात बताई। मैंने उसे ज्यादा समय तक पढ़ाई करने की सलाह दी। अल्ट्रासाउंड के बाद मैंने उसे रिपोर्ट दे दी थी और वह वहां से चली गई थी। 'एक घंटे बाद पहुंचे 8 से 10 लोग, मारपीट की' डॉ. लक्ष्मी शंकर सिंह ने बताया- NEET छात्रा के जाने के करीब एक घंटे बाद 8 से 10 लोग सेंटर पर पहुंचे। उन्होंने पूछा कि अकेली युवती का अल्ट्रासाउंड कैसे किया। इसके बाद उन्होंने मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी। डॉक्टर ने आदित्य वर्मा का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि वह भी मारपीट करने वालों में शामिल था। उन्होंने कहा कि मौके पर पुलिसकर्मी मौजूद थे और उनकी मौजूदगी में भी उनके साथ मारपीट की गई। डॉक्टर का दावा है कि वीडियो बनने से पहले भी 8 से 10 लोगों ने उन्हें पीटा था। 'पुरानी रंजिश को लेकर मारपीट की गई' डॉ. लक्ष्मी शंकर सिंह ने मारपीट को पुरानी रंजिश से जुड़ा मामला बताया है। उन्होंने कहा- 30 मई 2026 को सरकारी अस्पताल में एक महिला के इलाज को लेकर विवाद हुआ था। मैंने महिला को दूसरे अस्पताल में रेफर करने की सलाह दी थी और तत्काल के लिए कुछ दवाइयां दी थीं। ज्यादा ब्लीडिंग के कारण महिला का गर्भपात हो गया था। इसके बाद अस्पताल में कई लोग इकट्ठा हुए और इलाज को लेकर विवाद करने लगे। उस दौरान 8 से 10 लोगों ने मेरे साथ अभद्रता की और सरकारी काम में बाधा पहुंचाई। इसके बाद मैंने बांसी के अंगद वर्मा और 8 से 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दी थी। इसी पुराने विवाद की वजह से 13 अक्टूबर को मेरे साथ मारपीट की गई। डॉक्टर ने युवती से छेड़छाड़ के आरोपों को नकार दिया है। निजी सेंटरों पर जताई आशंका डॉ. सिंह ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट होने के कारण वह रोजाना करीब 50 से 100 मरीजों का अल्ट्रासाउंड करते हैं। इससे निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर मरीजों की संख्या प्रभावित होती है। उन्होंने अस्पताल के कुछ कर्मचारियों और निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों से जुड़े लोगों की मिलीभगत की आशंका भी जताई। पुलिस बोली- दोनों पक्षों ने समझौता किया बांसी कोतवाली प्रभारी महेंद्र प्रताप चतुर्वेदी ने बताया कि मामला थाने आया था। दोनों पक्षों को बुलाकर पूछताछ की गई। इसके बाद दोनों के बीच समझौता हो गया। किसी भी पक्ष की ओर से शिकायत नहीं दी गई है। पुलिस के मुताबिक, फिलहाल मामले में किसी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं दी गई है। सीएमओ बोले- निजी सेंटर पर प्रैक्टिस की जांच होगी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार दोहरे ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में तैनात डॉक्टर का निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर प्रैक्टिस करना नियमों के खिलाफ है। इस संबंध में जानकारी लेकर जांच कराई जाएगी। युवती से छेड़छाड़ के आरोपों के बारे में भी जानकारी जुटाकर कार्रवाई की जाएगी। ------------------------ ये खबर भी पढ़ेंः- मेरठ सांप कांड-जज ने फैसले में 4 बड़ी हत्याएं गिनाईं:दामिनी, इल्मा, सोनम, सिया का नाम लिया; जानिए कौन हैं ये लड़कियां मेरठ के सांप कांड में पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को 16 अक्टूबर को सजा-ए-मौत दी गई। जजमेंट में जज ने सिर्फ रविता केस का जिक्र नहीं किया। देश में सामने आए ऐसे कई मामलों को भी फैसले का हिस्सा बनाया, जिनमें प्रेम संबंधों के चलते पति की हत्या की साजिश पत्नी ने रची। जजमेंट में लिखा- इसी मेरठ के हस्तिनापुर में रविता केस से सीख लेकर और आगे बढ़ते हुए दामिनी ने पति की हत्या का तरीका निकाला। रविता ने घोड़ा पछाड़ सांप (बिना जहर वाला ) से डसाया था। इसकी जगह दामिनी ने असली जहरीले सांप कॉमन करैत से पति को डसवा दिया। ऐसे केस के बाद युवाओं के मन में शादी के प्रति डर बन गया। पूरी खबर पढ़ें…

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