ससुरालीजनों को फंसाने की कथित साजिश में गई थी जान:दोस्त से खुद को गोली मरवाकर ससुराल पक्ष को फंसाना चाहता था युवक, 7 दिन बाद इलाज के दौरान मौत
प्रेम विवाह के बाद पत्नी से बिगड़े रिश्ते और कोर्ट में मुकदमेबाजी के बीच ससुरालीजनों को फंसाने की कथित साजिश युवक की जान पर भारी पड़ गई। मैनपुरी के भोगांव क्षेत्र में पुष्पेंद्र ने अपने दो दोस्तों के साथ बैठकर शराब पी। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान उसने अपने दोस्त राहुल यादव से खुद को गोली मरवाई थी, ताकि ससुराल पक्ष के लोगों को फंसाया जा सके। लेकिन गोली ऐसी जगह लगी कि पुष्पेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। करीब सात दिन तक अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चला, लेकिन 6 सितंबर को उसकी मौत हो गई। घटना के करीब 43 दिन बाद पुलिस ने आरोपी राहुल यादव को गिरफ्तार कर लिया। जिसका मंगवाकर की दोपहर करीब 2 बजे पुलिस लाइन ने प्रेसवार्ता करके खुलासा किया गया। पुलिस के मुताबिक, बेवर क्षेत्र के चंदनपुर निवासी पुष्पेंद्र (26) ने करीब एक साल पहले पूजा से प्रेम विवाह किया था। इसके बाद पति-पत्नी के बीच विवाद होने लगा। पुलिस का कहना है कि पूजा ने पुष्पेंद्र और उसके परिवार के खिलाफ मैनपुरी कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया था। ससुरालीजनों से रंजिश मानने लगा था इस मुकदमे में पूजा की मदद उसके भाई योगेश और बहनोई उपदेश व विशाल कर रहे थे। इसी बात को लेकर पुष्पेंद्र अपने ससुरालीजनों से रंजिश मानने लगा था। पुलिस के मुताबिक, वह उन्हें एक आपराधिक मामले में फंसाना चाहता था। इसी कथित योजना के तहत उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर खुद को गोली लगवाने की साजिश रची थी। घटना 30 अगस्त 2026 की शाम करीब 7 बजे की है। रामवीर सिंह का बेटा पुष्पेंद्र घर से भूसा लेने निकला था। रुई मेला मैदान के पास आवास विकास कॉलोनी में सीवर प्लांट के नीले टीन शेड के पास उसे गोली लग गई। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल मैनपुरी से सैफई रेफर किया गया। हालत में सुधार न होने पर परिजन उसे कानपुर और फिर फर्रुखाबाद के अस्पताल ले गए, जहां 6 सितंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शुरुआत में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ था। बाद में पुष्पेंद्र के परिजनों को मिली जानकारी और वादी की विस्तृत तहरीर के आधार पर राहुल यादव व श्रीकान्त उर्फ करु के नाम सामने आए। पुष्पेंद्र की मौत के बाद मुकदमे में गैर इरादतन हत्या की धारा 105 बीएनएस बढ़ाई गई। तमंचा वहीं झाड़ियों में छिपा दिया था पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में राहुल यादव ने बताया कि वह पुष्पेंद्र और श्रीकान्त के साथ टीन शेड के नीचे शराब पी रहा था। पुष्पेंद्र तमंचा लेकर आया था और उसके कहने पर राहुल ने उसे गोली मारी। गोली लगने से पुष्पेंद्र की हालत बिगड़ गई तो दोनों आरोपी मौके से भाग गए। राहुल ने तमंचा वहीं झाड़ियों में छिपा दिया था। भोगांव पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर राहुल यादव को बेवर तिराहे से करीब डेढ़ किलोमीटर आगे मोटा रोड पर राजनगर में एक स्पेलर के सामने से गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर 12 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस और नाल में फंसा खोखा कारतूस बरामद हुआ। इसके बाद मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी बढ़ाई गईं। पुलिस के अनुसार, राहुल के खिलाफ वर्ष 2018 से 2026 तक कुल 13 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के मामले शामिल हैं।
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