सत्संग भगदड़ केस में दरोगा-व्यापारी की गवाही:दरोगा बोले- 21 शव आगरा मोर्चरी पहुंचाया; टेंट व्यवसायी ने कहा- भीड़ संभाल नहीं पाई पुलिस
हाथरस में सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र के फुलरई-मुगलगढ़ी में 2 जुलाई 2024 को हुए सत्संग के बाद भगदड़ मामले में गुरुवार को दो गवाहों की गवाही हुई। दोपहर करीब 3 बजे टेंट व्यवसायी राज कपूर की गवाही हुई, जबकि दरोगा सौरभ कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में बयान दर्ज कराया। हादसे में 121 लोगों की मौत हुई थी और 150 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। वीसी के जरिए दरोगा ने दी गवाही दरोगा सौरभ कुमार ने कोर्ट को बताया कि 2 जुलाई 2024 को वह आगरा के एमएम गेट थाने में उपनिरीक्षक के पद पर तैनात थे। भगदड़ के बाद करीब 21 शव आगरा मोर्चरी पहुंचे थे। वहां उनकी ड्यूटी पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए लगाई गई थी। उन्होंने बताया कि मृतका पुष्पा देवी के शव की पहचान परिजनों से कराई गई। इसके बाद पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी की गई। टेंट व्यवसायी ने 60-62 हजार लोगों की मौजूदगी बताई आरोपी पक्ष की अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंडीर के मुताबिक, टेंट व्यवसायी राज कपूर निवासी बदायूं ने अपनी गवाही में बताया कि उन्होंने सत्संग स्थल पर टेंट लगाया था। उनके अनुसार कार्यक्रम में करीब 60 से 62 हजार लोग मौजूद थे। राज कपूर के मुताबिक, बाबा के आने-जाने और प्रवचन के दौरान व्यवस्था ठीक थी। श्रद्धालुओं के निकलने के समय भीड़ बढ़ गई और पुलिस-प्रशासन उसे संभाल नहीं पाया। उन्होंने गर्मी और जल्दबाजी के कारण स्थिति बेकाबू होने की बात कही। सेवादारों को भीड़ हटाते नहीं देखा अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंडीर के अनुसार, टेंट व्यवसायी ने गवाही में कहा कि उन्होंने किसी सेवादार या आयोजक को डंडे आदि से भीड़ को धकेलते, मारते या हटाते हुए नहीं देखा। यह बयान बचाव पक्ष की ओर से बताए गए गवाह के बयान का हिस्सा है। 11 आरोपियों के खिलाफ चल रहा ट्रायल हाथरस भगदड़ मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर समेत 11 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। अगस्त 2025 में सभी 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय होने के बाद मामला साक्ष्य के चरण में पहुंचा था। सभी आरोपी जमानत पर बाहर हैं।
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