'स्वाभिमान सभा' से ब्रज में सियासी जमीन मजबूत करेगी रालोद:फतेहपुर सीकरी के जैंगारा गांव में कल होगी सभा, जयंत चौधरी आएंगे
राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ब्रज में अपनी सियासी जमीन मजबूत के लिए 'स्वाभिमान सभा' के जरिये अपनी ताकत दिखाने जा रही है। 12 अक्टूबर को फतेहपुर सीकरी के जैंगारा गांव में यह सभा होगी। पार्टी अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी इसमें शामिल होंगे। इस सभा में फतेहपुर सीकरी विधानसभा क्षेत्र ही नहीं, आसपास के अन्य क्षेत्रों से भी भीड़ जुटाई जाएगी।
पार्टी के वरिष्ठ नेता इस सभा को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। आगरा के साथ ही मथुरा, हाथरस, फिरोजाबाद, अलीगढ़ और भरतपुर से भीड़ जुटाने के लिए पार्टी पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अब विस्तार से पढ़िये...
रालोद फतेहपुर सीकरी के जैंगारा गांव में 12 अक्टूबर को 'स्वाभिमान सभा' आयोजित होने जा रही है। इस सभा के जरिये रालोद ब्रज में अपनी ताकत दिखाएगी। पार्टी अध्यक्ष जयंत चौधरी मुख्य अतिथि के तौर पर सभा को संबोधित करने के लिए आ रहे हैं।
इसके लिए पार्टी के प्रभारी मनवीर चिकारा डेरा डाले हुए हैं। रालोद नेता गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर लोगों से सभा में शामिल होने की अपील कर रहे हैं। पश्चिमी यूपी के जिलाध्यक्षों को भीड़ जुटाने का लक्ष्य दिया गया है। आगरा में ये रही रालोद की स्थिति आगरा में रालोद की जमीन काफी मजबूत रही है। एक बार पार्टी के दो प्रत्याशी चुनाव भी जीत चुके हैं। जाट बाहुल्य वाली सीटों पर पार्टी ज्यादा प्रभावी रही है। इनमें फतेहपुर सीकरी, खेरागढ़ और आगरा ग्रामीण सीट प्रमुख रही है। चौधरी अजित सिंह ने आगरा में रालोद की जड़ों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। उनके निधन के बाद पार्टी मुखिया जयंत चौधरी का भी आगरा से लगाव रहा है। पिछले (2022) विधानसभा चुनाव में रालोद ने सपा के गठबंधन के साथ चुनाव लड़ा। इस गठबंधन में सपा को सिर्फ 3 ही सीटें मिली थीं। जबकि पार्टी ने 2017 के चुनाव में जिले की 9 में से 7 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। 2002 में रालोद का सबसे शानदार प्रदर्शन 2002 में रालोद ने आगरा जिले में दो सीटों पर चुनाव जीतकर खाता खोला। एत्मादपुर सीट से गंगा प्रसाद पुष्कर चुनाव जीते। उन्हें 38,317 वोट मिले। उन्होंने 4,814 के अंतर से चुनाव जीता। फतेहपुर सीकरी सीट से चौधरी बाबूलाल चुनाव जीते। उन्हें 50,073 वोट मिले थे। उन्होंने 19,103 वोट के अंतर से चुनाव जीता था। यानी 2002 में आगरा जिले में रालोद का स्ट्राइक रेट 100 प्रतिशत रहा, दो सीटों पर उतरी और दोनों जीत लीं।
आगरा में विधानसभा चुनाववार रालोद की स्थिति 2012 में रालोद की स्थिति रालोद ने 3 सीटों पर प्रभाव दिखाया। पार्टी के प्रत्याशी तीसरे और चौथे स्थान पर रहे थे। एत्मादपुर-बाबा हरदेव सिंह: 20,750 वोट, चौथा स्थान। खेरागढ़-उमेश चंद सेंथिया: 30,432 वोट, तीसरा स्थान। फतेहपुर सीकरी-चौधरी बाबूलाल: 34,330 वोट, तीसरा स्थान। पूरे उत्तर प्रदेश में 2012 में रालोद ने 46 सीटों पर चुनाव लड़कर 9 सीटें जीती थीं, लेकिन आगरा जिले में उसे कोई जीत नहीं मिली। 2017 में रालोद की स्थिति 2017 के चुनाव में रालोद का आधार सिकुड़ा, सीकरी में फिर मजबूत वापसी की। 2017 में रालोद ने आगरा जिले की कई सीटों पर प्रत्याशी उतारे, लेकिन अधिकांश जगह प्रदर्शन कमजोर रहा। 2022 में रालोद की स्थिति 2022 में सपा-रालोद गठबंधन के तहत आगरा में रालोद की सबसे महत्वपूर्ण वापसी फतेहपुर सीकरी और आगरा ग्रामीण में दिखाई दी। फतेहपुर सीकरी में पार्टी प्रत्याशी बृजेश कुमार को 64,826 वोट मिले थे। वे 26.87% वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे। आगरा ग्रामीण में पार्टी प्रत्याशी महेश कुमार को 52,731 वोट मिले थे। वे 20.30% वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे। खेरागढ़ में पार्टी प्रत्याशी रोहतन को 14,133 वोट मिले थे। वे चौथे स्थान पर रहे थे। फतेहपुर सीकरी में रालोद प्रत्याशी सिर्फ 47,269 वोटों से भाजपा प्रत्याशी से पीछे रहा और बसपा को पीछे छोड़कर दूसरे स्थान पर रहा। एक नजर में रालोद की आगरा में स्थिति आगरा में रालोद का अब तक का सबसे अच्छा विधानसभा प्रदर्शन 2002 रहा, जब पार्टी ने एत्मादपुर और फतेहपुर सीकरी दोनों सीटें जीत ली थीं। इसके बाद पार्टी लगातार चुनाव तो लड़ती रही, लेकिन 2007 से 2022 तक कोई सीट नहीं जीत सकी।दूसरी ओर फतेहपुर सीकरी रालोद की सबसे लगातार मजबूत सीट दिखाई देती है। 2002 में जीत, 2007 में तीसरा, 2012 में तीसरा, 2017 में तीसरा और 2022 में दूसरा स्थान। 2022 में यहां रालोद को 64,826 वोट मिले।
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