स्वामी रामभद्राचार्य पर केस दर्ज करने के आदेश:प्रयागराज में ACJM-8 ने नोटिस जारी किया, ब्राह्मणों की उपजातियों पर टिप्पणी की थी
तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य की ओर से ब्राह्मण समाज की कुछ उपजातियों को लेकर दिए गए बयान के मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रयागराज की ACJM कोर्ट संख्या-8 ने मामले में केस दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मामला रामभद्राचार्य के एक वायरल वीडियो से जुड़ा है। वीडियो में उन्होंने ब्राह्मण समाज की कुछ उपजातियों का जिक्र करते हुए टिप्पणी की थी। बताया गया कि उन्होंने उपाध्याय, पाठक, चौबे, त्रिगुणायक और दीक्षित जैसी उपजातियों को लेकर कहा था कि ब्राह्मण समाज इन उपजातियों में अपनी बेटियों की शादी नहीं करता। वाराणसी के रमेश उपाध्याय जताई आपत्ति बयान सामने आने के बाद वाराणसी निवासी रमेश उपाध्याय ने इस पर आपत्ति जताई। उनका आरोप है कि इस तरह की टिप्पणी से उनके समाज और समुदाय की भावनाएं आहत हुईं और मानहानि हुई। रमेश उपाध्याय की ओर से पहले पुलिस और अन्य कानूनी मंचों पर कार्रवाई का प्रयास किया गया। इसके बाद उन्होंने अदालत का रुख किया। कोर्ट ने केस दर्ज करने का आदेश दिया याचिका और उपलब्ध तथ्यों पर सुनवाई के बाद ACJM कोर्ट संख्या-8 ने मामले में केस दर्ज करने का आदेश दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया होगी और संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। रामभद्राचार्य के बयान के बाद धार्मिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा शुरू हो गई थी। अब अदालत की ओर से केस दर्ज करने के आदेश के बाद मामले ने कानूनी रूप ले लिया है। परिवाद दाखिल करने वाले रमेश उपाध्याय का आरोप हे कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य के बयान से समाज और समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। वे इस मामले को लेकर पहले प्रशासन और पुलिस के पास गए थे। प्रयास के बाद भी मामला दर्ज नहीं हुआ तो उन्होंने अदालत का रुख किया। परिवाद में क्या कहा जानिये परिवाद दाखिल करने वाले रमेश उपाध्याय भारतीय किसान सेना लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उनका कहना है कि 3 फरवरी 2024 को वृंदावन में भगवत कथा के दौरान ब्राह्मणों पर अभद्र टिप्पणी की गई। कहा कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य संत हैं, लोग उनकी पूजा करते हैं। उनके बयान से उपाध्याय समाज को लोग हेय दृष्टि से देखने लगे। लड़के लड़कियों की शादी में बाधा आने लगी। रमेश उपाध्याय का कहना है कि इस मामले को लेकर वे 22 मई 2025 को पुलिस कमिश्नर प्रयागराज से मिले थे। उन्हें प्रार्थना पत्र दिया था। डॉक के माध्यम से भी प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)