‘शेफ’ बड़ा या सम्मान? जब ने पद्मश्री लेने से कर दिया था इनकार
‘शेफ’ बड़ा या सम्मान? जब ने पद्मश्री लेने से कर दिया था इनकार
भारत के मशहूर शेफ से जुड़ा एक पुराना किस्सा एक बार फिर चर्चा में है, जब उन्होंने देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान को लेने से इनकार करने तक की बात कह दी थी। वजह थी—उनकी पहचान, उनका पेशा और उससे जुड़ी गरिमा।
यह मामला साल 2017 का है, जब को से सम्मानित किया जाना था। आमतौर पर इस समारोह में पारंपरिक भारतीय परिधान पहनना अनिवार्य होता है, लेकिन कपूर ने एक अलग मांग रख दी।
उन्होंने इच्छा जताई कि वह यह सम्मान अपनी शेफ यूनिफॉर्म—यानी शेफ कोट और कैप पहनकर लेना चाहते हैं। उनका मानना था कि यही उनकी असली पहचान है और इसी रूप में उन्हें सम्मान मिलना चाहिए। हालांकि, शुरू में इस मांग को प्रोटोकॉल के खिलाफ बताते हुए खारिज कर दिया गया।
इस पर ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साफ कहा कि अगर उन्हें अपनी शेफ यूनिफॉर्म में सम्मान लेने की अनुमति नहीं मिलेगी, तो वह यह अवॉर्ड स्वीकार नहीं करेंगे। उनके मुताबिक, उन्होंने अपने करियर के वर्षों होटल की रसोई में उसी यूनिफॉर्म में बिताए हैं और वही उनके संघर्ष और मेहनत की असली पहचान है।
कपूर का यह रुख सिर्फ व्यक्तिगत जिद नहीं, बल्कि पूरे शेफ समुदाय के सम्मान से जुड़ा था। वह चाहते थे कि इस मंच पर शेफ पेशे को भी उसी गरिमा के साथ स्वीकार किया जाए, जैसा अन्य क्षेत्रों को किया जाता है।
आखिरकार, बातचीत और विचार-विमर्श के बाद उनकी मांग को स्वीकार कर लिया गया। ने अपनी शेफ यूनिफॉर्म में ही प्राप्त किया। यह पल न सिर्फ उनके लिए, बल्कि पूरे कुकिंग प्रोफेशन के लिए गर्व का क्षण बन गया।
यह घटना एक बड़ा संदेश भी देती है—सम्मान तभी मायने रखता है, जब वह आपकी असली पहचान और मेहनत को स्वीकार करे। ने अपने फैसले से यह साबित कर दिया कि पेशे की गरिमा किसी भी सम्मान से कम नहीं होती।