मुर्शिदाबाद हिंसा: महिला आयोग की टीम और राज्यपाल मौके पर, जानी जमीनी हकीकत

दि राइजिंग न्यूज। कोलकाता/मुर्शिदाबाद। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार विपक्षी दलों के निशाने पर है, वहीं दूसरी ओर घटनास्थल पर पहुंचकर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) और राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने हालात का जायजा लिया। इस हिंसा में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 274 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

मुर्शिदाबाद हिंसा: महिला आयोग की टीम और राज्यपाल मौके पर, जानी जमीनी हकीकत

राज्यपाल का दौरा, राहत शिविर में पीड़ितों से मुलाकात

शुक्रवार को राज्यपाल सीवी आनंद बोस मालदा पहुंचे, जहां मुर्शिदाबाद से विस्थापित हिंदू समुदाय के लोग अस्थायी राहत शिविरों में रह रहे हैं। उन्होंने पीड़ितों से मुलाकात की और उनकी परेशानियां सुनीं। सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को राज्यपाल मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज, सूती, जंगीपुर और धूलियान जैसे हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा कर सकते हैं।

राज्यपाल ने संकेत दिए हैं कि यदि हालात खराब पाए गए, तो वह केंद्र को रिपोर्ट भेज सकते हैं। इससे राजनीतिक गलियारों में राष्ट्रपति शासन की चर्चा फिर से तेज हो गई है।


महिला आयोग पहुंचा शमशेरगंज, पीड़ितों से की बातचीत

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा के नेतृत्व में एक टीम शुक्रवार रात मालदा में रुकी और शनिवार को मुर्शिदाबाद जिले के शमशेरगंज पहुंची। टीम ने हिंसा से प्रभावित महिलाओं से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। टीम ने उन घरों का भी निरीक्षण किया, जिन्हें आगजनी में नुकसान हुआ है। इस दौरान बीजेपी नेता श्रीरूपा मित्रा भी आयोग की टीम के साथ रहीं।

रविवार को महिला आयोग की टीम कोलकाता में राज्यपाल, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से मुलाकात करेगी।


हाई कोर्ट ने दिए राहत और सुरक्षा के निर्देश

कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को आदेश दिया है कि विस्थापित लोगों को त्वरित राहत दी जाए और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाए। कोर्ट ने एनआईए जांच की मांग को खारिज करते हुए राज्य सरकार को इलाके में केंद्रीय बलों की मौजूदगी बनाए रखने के भी निर्देश दिए हैं।


बीजेपी की 'बंगाली हिंदू बचाओ' रैली को हरी झंडी

हिंसा की पृष्ठभूमि में बीजेपी युवा मोर्चा ने शनिवार शाम 'बंगाली हिंदू बचाओ' नाम से रैली आयोजित करने की घोषणा की है। हाई कोर्ट से मिली अनुमति के बाद रैली शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पैतृक निवास से शुरू होकर भवानीपुर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के घर तक जाएगी।


पलायन और तनाव पर सियासी संग्राम

शुरुआती दौर में बंगाल सरकार ने पलायन की

 खबरों से इनकार किया था, लेकिन अब टीएमसी सांसद ने भी स्वीकार कर लिया है कि लोग पलायन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शांति की अपील करते हुए कहा, "दंगे धर्म के नाम पर नहीं होते, इन्हें कुछ अपराधी अंजाम देते हैं।"

वहीं, बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती और अन्य नेताओं ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है।


टीएमसी का आरोप: राज्यपाल कर रहे हैं बीजेपी की राजनीति

टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने राज्यपाल सीवी आनंद बोस पर निशाना साधते हुए कहा, "राज्यपाल बीजेपी के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। वे संवैधानिक पद का दुरुपयोग कर रहे हैं और बीजेपी के प्रवक्ता जैसे बर्ताव कर रहे हैं।"

टीएमसी का आरोप है कि बीजेपी इस पूरे मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए भुना रही है, खासकर 2026 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए।


सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

फिलहाल बीएसएफ और अर्धसैनिक बलों को मुर्शिदाबाद जिले में तैनात किया गया है। पूरे इलाके में गश्त तेज कर दी गई है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

राज्यपाल और महिला आयोग की टीम का कहना है कि आंखों देखी स्थिति पर आधारित स्वतंत्र रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिससे यह पता चलेगा कि जमीन पर असल हालात क्या हैं।