टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थी पहुंचे शिक्षा सेवा चयन आयोग:पुरानी नियमावली पर एक अवसर की मांग, देरी से नाराज अभ्यर्थियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
टीजीटी-पीजीटी भर्ती में पुरानी नियमावली में अभ्यर्थियों को एक अवसर दिए जाने की मांग को लेकर छात्रों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को अभ्यर्थियों ने जिलाधिकारी और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से मुलाकात कर स्पष्ट आधिकारिक आदेश जारी करने की मांग की। छात्रों ने पुराने परीक्ष पैटर्न बहाली में देरी होने पर दोबारा आंदोलन की चेतावनी दी है। अभ्यर्थियों ने जिलाधिकारी से पूछा कि पुरानी नियमावली के तहत एक अवसर देने को लेकर आधिकारिक सूचना कब तक जारी होगी। जिलाधिकारी ने बताया कि वे उच्च अधिकारियों के संपर्क में हैं और जल्द सूचना मिलने की उम्मीद है। इसके बाद अभ्यर्थी शिक्षा सेवा चयन आयोग पहुंचे। आयोग अध्यक्ष के लखनऊ में होने के कारण उनसे मुलाकात सचिव संजय सिंह से हुई। सचिव ने कहा कि अभी तक शासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है; पत्र मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अवसर न मिलने पर छात्रों में आक्रोश छात्र आशुतोष पांडे ने कहा कि मुख्यमंत्री स्तर पर अभ्यर्थियों को एक अवसर देने की मांग पर सहमति व्यक्त होने के बाद भी विभागीय स्तर पर कार्रवाई अटकी हुई है। उन्होंने पूछा कि छात्र कब तक जिलाधिकारी कार्यालय से शिक्षा सेवा चयन आयोग तक चक्कर लगाएंगे। उन्होंने कहा कि महीनों के संघर्ष और 19 दिनों के आमरण अनशन के बाद भी अभ्यर्थियों को लिखित आदेश नहीं मिला है। उनका कहना था कि इससे छात्रों के बीच असमंजस और निराशा बढ़ रही है। पिछले दिनों अनशन के 19वें दिन जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद आंदोलन स्थगित हुआ था, लेकिन अभ्यर्थियों की मांग अब भी आधिकारिक आदेश की प्रतीक्षा में है। आंदोलन की चेतावनी आशुतोष पांडे ने स्पष्ट कहा कि अभ्यर्थियों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि पुरानी नियमावली के अनुसार एक अवसर देने का लिखित और आधिकारिक आदेश चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि देरी जारी रहने पर अभ्यर्थी पुनः आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। गौरतलब है कि नई अर्हता नियमावली लागू होने से पुराने पैटर्न के अनुसार तैयारी कर रहे बड़ी संख्या में अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया से बाहर होने की स्थिति में आ गए थे। इसी वजह से प्रयागराज में छात्रों ने लंबा धरना और आमरण अनशन किया था। अभ्यर्थियों की मांग अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें न्याय तभी मिलेगा, जब पुरानी नियमावली के तहत एक अवसर देने का लिखित आदेश सार्वजनिक होगा।
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