ट्रेनें कैंसिल होने से प्रयागराज के छात्र-कारोबारी परेशान:दिल्ली जाने वाली 3 प्रमुख ट्रेनें निरस्त, जंक्शन पर सन्नाटा; टिकट काउंटर खाली
दिल्ली में 10 अक्तूबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन और नई दिल्ली व हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के आसपास जाम की आशंका के चलते प्रयागराज से दिल्ली जाने वाली प्रमुख ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया। इसका असर प्रयागराज जंक्शन पर भी दिखाई दिया। आम दिनों के मुकाबले शनिवार को प्लेटफॉर्म पर भीड़ कम रही और टिकट काउंटर खाली नजर आए। दूसरे जिलों की ओर जाने वाले यात्रियों की आवाजाही जारी रही। कई यात्री स्टेशन परिसर और प्लेटफार्म पर अपनी ट्रेन का इंतजार करते हुए बैठे और लेटे दिखाई दिए। प्रयागराज एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस और प्रयागराज-शकूरबस्ती स्पेशल के निरस्त होने से दिल्ली जाने वाले यात्रियों की यात्रा प्रभावित हुई। जिन लोगों ने पहले से टिकट बुक करा रखे थे, उन्हें अचानक अपनी योजना बदलनी पड़ी। किसी को परीक्षा देने दिल्ली जाना था, तो किसी को इलाज, नौकरी और कारोबार के सिलसिले में पहुंचना था। ट्रेनों के निरस्त होने की सूचना मिलने के बाद यात्रियों को दूसरे साधनों से जाने का विकल्प तलाशना पड़ा। भीड़ से भरे रहने वाले काउंटर खाली नजर आए
दिल्ली जाने वाली ट्रेनों के निरस्त होने का असर स्टेशन की चहल-पहल पर भी दिखा। आम दिनों में टिकट लेने और ट्रेनों की जानकारी के लिए यात्रियों की भीड़ से भरे रहने वाले काउंटर खाली नजर आए। प्लेटफार्म पर भी सामान्य दिनों के मुकाबले कम यात्री दिखाई दिए। वहीं, दूसरे जिलों की ओर जाने वाले यात्री स्टेशन परिसर और प्लेटफार्म पर अपनी ट्रेनों का इंतजार करते रहे। कोई बेंच पर बैठा था तो कोई जमीन पर लेटकर समय काट रहा था। दोपहर करीब सवा एक बजे मुंबई से आने वाली ट्रेन के प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफार्म पर पहुंचने के बाद वहां कुछ भीड़ देखने को मिली। ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों और उन्हें लेने पहुंचे लोगों के कारण प्लेटफार्म पर थोड़ी देर के लिए चहल-पहल बढ़ी। लोगों में नाराजगी
छात्र अनुराग यादव ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के कारण आम लोगों की यात्रा प्रभावित नहीं होनी चाहिए। कोई बीमार व्यक्ति इलाज के लिए जा रहा है, किसी की परीक्षा है तो कोई पढ़ाई और जरूरी काम से दिल्ली पहुंचना चाहता है। उन्होंने कहा कि सरकार को यात्रियों के लिए अलग व्यवस्था करनी चाहिए थी। नवरात्र से पहले व्यापारियों को नुकसान की चिंता
व्यापारी आनंद मिश्रा ने बताया कि नवरात्र और त्योहारों के समय बाजार में सामान की मांग बढ़ जाती है। कई व्यापारियों का पहले से आने-जाने का आरक्षण था। कुछ को एक ही दिन में लौटना था, लेकिन ट्रेनें रद्द होने से उनकी योजना बिगड़ गई। उन्होंने कहा कि समय पर सामान नहीं पहुंचेगा तो उसे बेचने में भी परेशानी होगी। त्योहार के ठीक पहले माल की खरीदारी और ढुलाई प्रभावित होने से कारोबार पर असर पड़ेगा। जाम की आशंका में रेलवे ने लिया फैसला
रेलवे के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अमित मालवीय के अनुसार, 10 अक्तूबर को सुबह चार बजे से दोपहर दो बजे तक नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन के आसपास भारी यातायात जाम की आशंका जताई गई थी। इसी के मद्देनजर कई ट्रेनों को उनके शुरुआती स्टेशनों से ही निरस्त किया गया। अचानक लिए गए इस फैसले से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।
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