ट्रम्प की ईरान को खुली धमकी: तेल पर कब्जा ‘पसंदीदा’, खार्ग द्वीप लेने तक की बात
ट्रम्प की ईरान को खुली धमकी: तेल पर कब्जा ‘पसंदीदा’, खार्ग द्वीप लेने तक की बात
वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को लेकर एक बार फिर तीखा और विवादास्पद बयान दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। ट्रम्प ने कहा कि ईरान के तेल पर कब्जा करना उनकी “पसंदीदा चीज” है और यदि हालात बने तो अमेरिका ईरान के रणनीतिक रूप से बेहद अहम खार्ग द्वीप (Kharg Island) पर भी नियंत्रण कर सकता है।
खार्ग द्वीप फारस की खाड़ी में स्थित ईरान का सबसे बड़ा तेल निर्यात टर्मिनल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के कुल तेल निर्यात का बड़ा हिस्सा इसी द्वीप के जरिए होता है। ऐसे में इस पर कब्जे की बात सीधे तौर पर ईरान की अर्थव्यवस्था को निशाना बनाने के रूप में देखी जा रही है।
ट्रम्प ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता नहीं होता है, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे हालात में “ईरान शायद बच नहीं पाएगा।” इस तरह की भाषा को विशेषज्ञ बेहद आक्रामक और दबाव बनाने वाली रणनीति के तौर पर देख रहे हैं।
गौरतलब है कि अपने राष्ट्रपति कार्यकाल (2017-2021) के दौरान भी ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ कड़े कदम उठाए थे। उन्होंने 2018 में ईरान परमाणु समझौते (JCPOA) से अमेरिका को बाहर कर लिया था और इसके बाद ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए गए थे। इन प्रतिबंधों का असर ईरान की अर्थव्यवस्था और तेल निर्यात पर साफ तौर पर देखा गया था।
वर्तमान में भी अमेरिका और ईरान के बीच संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान के परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रभाव और पश्चिम एशिया में उसकी गतिविधियों को लेकर अमेरिका लगातार चिंता जताता रहा है। वहीं ईरान भी अमेरिकी प्रतिबंधों और दबाव का विरोध करता रहा है।
अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का कहना है कि ट्रम्प का यह बयान भविष्य की संभावित अमेरिकी नीति का संकेत हो सकता है, खासकर अगर वे दोबारा सत्ता में आते हैं। हालांकि, इस तरह के बयान से मध्य पूर्व में अस्थिरता बढ़ने और वैश्विक तेल बाजार पर असर पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
फिलहाल, ईरान की ओर से इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में पहले से ही तनाव बना हुआ है। ऐसे में ट्रम्प की यह टिप्पणी आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान संबंधों को और अधिक जटिल बना सकती है।