उन्नाव में बंद मकान की छत-दीवार तोड़कर चोरी:बच्चे को थेरेपी दिलाने गया था परिवार, घर से जेवर और 30 हजार रुपये चोरी

Oct 13, 2026 - 22:02
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उन्नाव में बंद मकान की छत-दीवार तोड़कर चोरी:बच्चे को थेरेपी दिलाने गया था परिवार, घर से जेवर और 30 हजार रुपये चोरी
उन्नाव में गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के शुक्लागंज स्थित चंपापुरवा के मनसुखेड़ा में चोरों ने बंद मकान को निशाना बनाया। परिवार के लोग बच्चे को थेरेपी दिलाने मंगलवार को कानपुर के बाल भवन गए थे। रात करीब 8 बजे घर लौटे तो कमरों में सामान बिखरा था और अलमारियां खुली पड़ी थीं। पीड़ित परिवार के मुताबिक, घर से सोने-चांदी के जेवर और करीब 30 हजार रुपये नकद गायब मिले। महिलाओं ने थाने में शिकायत देने के बाद पुलिस के व्यवहार पर भी सवाल उठाए हैं। घर लौटे तो बिखरा मिला सामान पीड़िता ज्योति जायसवाल ने बताया कि उनका बच्चा बोल नहीं पाता है। उसे ओडीजीएम की समस्या के चलते कानपुर के बाल भवन में थेरेपी दिलाने के लिए परिवार के लोग जाते हैं। 29 तारीख से बच्चे को थेरेपी दिलाने का सिलसिला शुरू हुआ था। मंगलवार को भी परिवार घर से निकला था। ज्योति के मुताबिक, रात में घर लौटकर ताला खोला तो अंदर कमरे की अलमारी खुली पड़ी थी और सामान बिखरा हुआ था। जांच करने पर करीब डेढ़ तोले की सोने की बिंदी, दो जोड़ी पाजेब, बच्चे का सोने का लॉकेट, बेटी की पायल, बिछिया और नकदी गायब मिली। छत और दीवार तोड़कर घुसे चोर अनुपम जायसवाल ने बताया कि उनकी बहन बच्चे को थेरेपी दिलाने जाती हैं। मंगलवार को भी परिवार के लोग घर से बाहर थे। लौटने पर घर के अंदर सामान अस्त-व्यस्त मिला। उन्होंने बताया कि छत का एक हिस्सा टूटा हुआ था और ऊपर की ओर दीवार भी तोड़ी गई थी। अलमारियों में रखे जेवर गायब थे। अनुपम के अनुसार, घर से दो जोड़ी पाजेब, करीब 500 ग्राम टूटी-फूटी चांदी, डेढ़ तोले की सोने की बिंदी और 30 हजार रुपये नकद चोरी हुए हैं। चोरी गए सामान की कुल कीमत का आकलन किया जा रहा है। नकदी रखने पर पुलिसकर्मी के बयान का आरोप पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि उन्होंने थाने पहुंचकर चोरी की शिकायत दी। ज्योति के मुताबिक, जब उन्होंने नकदी चोरी होने की बात बताई तो एक पुलिसकर्मी ने कथित तौर पर सवाल किया कि जब सरकारी नौकरी करने वाले लोग अपने पास इतनी नकदी नहीं रखते, तो वह इतने रुपये कहां से रखती हैं। महिला ने पुलिसकर्मी का नाम राजेंद्र बताया, लेकिन उनका पूरा नाम स्पष्ट नहीं हो सका। अनुपम ने भी आरोप लगाया कि शिकायत के दौरान उन्हें ज्यादा बात नहीं करने दी गई और चुप रहने को कहा गया। उनका कहना है कि घर में हुई घटना को लेकर परिवार के सदस्य अपनी बात भी नहीं रखेंगे तो कौन रखेगा। इस मामले में गंगाघाट पुलिस का पक्ष जानने के लिए संपर्क नहीं हो सका।

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