उन्नाव में गंगा का जलस्तर 111.30 मीटर पर पहुंचा:24 घंटे में 4 सेंटीमीटर की गिरावट, चेतावनी बिंदु से 70 सेमी नीचे आया
उन्नाव में गंगा का जलस्तर लगातार दूसरे दिन कम हुआ है। बुधवार सुबह केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, जलस्तर 111.30 मीटर पर पहुंच गया। पिछले 24 घंटे में इसमें 4 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। अब गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 112 मीटर से 70 सेंटीमीटर नीचे आ गया है। करीब तीन महीने बाद गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से नीचे पहुंचने पर शुक्लागंज और आसपास के तटीय इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, निचले इलाकों और संपर्क मार्गों पर अभी भी पानी भरा होने से लोगों की परेशानी बनी हुई है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 113 मीटर को पार करने के बाद कई मोहल्लों में पानी घरों तक पहुंच गया था। गोताखोर, कर्बला, हुसैन नगर, तेजीपुरवा, सैय्यद कंपाउंड, रविदास नगर, मालवीय नगर, श्रीनगर और इंद्रानगर जैसे इलाकों में जलभराव से आवागमन प्रभावित हुआ था। अब जलस्तर घटने के बावजूद इन क्षेत्रों में स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है। गगनीखेड़ा और फत्तेखेड़ा समेत कई गांवों में पड़ा था असर गंगा का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण इलाकों में भी जनजीवन प्रभावित हुआ था। गगनीखेड़ा और फत्तेखेड़ा समेत कई गांवों में बाढ़ का असर देखने को मिला था। संपर्क मार्गों पर पानी भरने से ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हुई थी। कान्हा गौशाला और पावर हाउस के पास पहुंचा था पानी नेतुआ स्थित कान्हा गौशाला में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया था। वहीं, त्रिभुवनखेड़ा पावर हाउस के पास पानी पहुंचने से स्थिति पर नजर रखी जा रही थी। फिलहाल गंगा के जलस्तर में गिरावट से ग्रामीणों और तटीय इलाकों के लोगों को राहत की उम्मीद है। निचली बस्तियों से पानी निकलने और संपर्क मार्गों पर जलभराव दूर होने के बाद ही जनजीवन पूरी तरह सामान्य हो सकेगा।
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