UP में हर साल होगी शिक्षक भर्ती:31 मई तक आयोगों को भेजना होगा रिक्त पदों का ब्योरा
उत्तर प्रदेश में अब राजकीय और अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक भर्ती नियमित रूप से कराने की तैयारी है। प्रदेश सरकार ने रिक्त पदों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से भरने के लिए नई समय-सारणी जारी की है। इसके तहत हर साल 1 अप्रैल तक रिक्त पदों की गणना करनी होगी और 31 मई तक संबंधित भर्ती आयोगों को अधियाचन भेजना अनिवार्य होगा। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से शिक्षक भर्ती प्रक्रिया नियमित होगी और युवाओं को रोजगार के अवसरों के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अधियाचन ऑनलाइन भेजे जाएंगे, ताकि पदों के सत्यापन और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। देरी हुई तो अधिकारियों पर होगी कार्रवाई माध्यमिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप युवाओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसके साथ ही विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना भी जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिया कि रिक्तियों की गणना और अधियाचन भेजने में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। निर्धारित समय-सीमा का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई की जाएगी। उनकी व्यक्तिगत जवाबदेही भी तय होगी। राजकीय और एडेड स्कूलों की भर्ती के लिए अलग-अलग आयोग माध्यमिक शिक्षा की सचिव किंजल सिंह ने शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) को निर्देश दिया है कि शैक्षिक सत्र समाप्त होने के साथ सेवानिवृत्ति और अन्य कारणों से रिक्त होने वाले पदों की समय पर गणना की जाए। इसके लिए तय कैलेंडर का पालन करना जरूरी होगा। भर्ती के लिए अधियाचन संबंधित आयोगों को भेजे जाएंगे: राजकीय माध्यमिक विद्यालय: रिक्त पदों का अधियाचन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC), प्रयागराज को भेजा जाएगा। अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय: रिक्त पदों का अधियाचन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC), प्रयागराज को भेजा जाएगा। सरकार ने अधियाचन की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी है। इससे रिक्त पदों का ब्योरा भेजने और उनके सत्यापन की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। युवाओं ने फैसले का स्वागत किया, नियमित भर्ती की मांग सरकार के इस फैसले से प्रतियोगी छात्रों और युवाओं में उत्साह है। उनका कहना है कि यदि शिक्षक भर्ती भी IAS, PCS, CGL और CHSL जैसी परीक्षाओं की तर्ज पर नियमित वार्षिक कैलेंडर के अनुसार होगी, तो भर्ती प्रक्रिया में अनिश्चितता कम होगी और अभ्यर्थियों को समय पर अवसर मिल सकेंगे। हालांकि, युवाओं ने शासनादेश का जमीनी स्तर पर सख्ती से पालन कराने और भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष रखने की मांग की है। समूह ग की भर्तियां भी नियमित करने की मांग युवाओं ने समूह ग के पदों पर भर्ती नियमित कराने की भी मांग उठाई है। उनका कहना है कि विभिन्न विभागों में इन पदों पर लगातार रिक्तियां होती हैं। इसलिए सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जिसके तहत विभाग हर साल रिक्त पदों का अधियाचन भेजें और भर्ती प्रक्रिया नियमित रूप से पूरी हो।
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