3.22 लाख करोड़ भुगतान से बदली ग्रामीण अर्थव्यवस्था: गन्ना किसानों के खाते में पहुंची रिकॉर्ड रकम

उत्तर प्रदेश सरकार ने दावा किया है कि वर्ष 2017 से अब तक गन्ना किसानों को 3.22 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड भुगतान किया गया है। डीबीटी और डिजिटल व्यवस्था के जरिए भुगतान सीधे किसानों के खातों में पहुंच रहा है। सरकार के अनुसार इससे 48 लाख किसान परिवारों को आर्थिक मजबूती मिली है।

3.22 लाख करोड़ भुगतान से बदली ग्रामीण अर्थव्यवस्था: गन्ना किसानों के खाते में पहुंची रिकॉर्ड रकम

दि राइजिंग न्यूज़। लखनऊ। 30 मई 2026

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गन्ना किसानों को लेकर बड़ा दावा किया है। सरकार के अनुसार वर्ष 2017 से अब तक प्रदेश के गन्ना किसानों को कुल 3,22,722 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान किया गया है। यह भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजा गया, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो गई है। सरकार का कहना है कि पारदर्शी और तकनीक आधारित व्यवस्था के चलते गन्ना किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे प्रदेश के लाखों किसान परिवारों को आर्थिक मजबूती मिली है।


48 लाख किसान परिवारों को मिला लाभ

प्रदेश सरकार के मुताबिक नियमित भुगतान व्यवस्था का सीधा फायदा 48 लाख गन्ना किसान परिवारों को मिला है। किसानों को अब भुगतान के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता और धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में पहुंच रही है। सरकार का दावा है कि गन्ना एवं चीनी उद्योग अब उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ बन चुका है।


पेराई सत्र 2025-26 में भी रिकॉर्ड भुगतान

पेराई सत्र 2025-26 के दौरान अब तक 30,831.81 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है। सरकार के अनुसार करीब 90 प्रतिशत किसानों को उनका भुगतान मिल चुका है, जबकि शेष भुगतान भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।


डिजिटल व्यवस्था से बढ़ी पारदर्शिता

'स्मार्ट गन्ना किसान' प्रणाली के जरिए गन्ना क्षेत्रफल, सट्टा, कैलेंडरिंग और पर्ची जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है। अब किसानों को गन्ना पर्ची सीधे मोबाइल पर प्राप्त होती है और भुगतान डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजा जाता है। इससे भ्रष्टाचार और बिचौलियों की समस्या में काफी कमी आई है।


चीनी उत्पादन में भी यूपी आगे

पेराई सत्र 2025-26 में उत्तर प्रदेश की 121 चीनी मिलों ने 877.96 लाख टन गन्ने की पेराई कर 89.68 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है। दिलचस्प बात यह है कि महाराष्ट्र में 210 चीनी मिलें होने के बावजूद उत्तर प्रदेश का औसत चीनी परता 10.21 प्रतिशत रहा, जो महाराष्ट्र के 9.49 प्रतिशत और कर्नाटक के 8.19 प्रतिशत से अधिक है।


गन्ना मूल्य में हुई ऐतिहासिक बढ़ोतरी

योगी सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति कुंतल की बढ़ोतरी की थी। अगेती प्रजाति के लिए 400 रुपये प्रति कुंतल और सामान्य प्रजाति के लिए 390 रुपये प्रति कुंतल मूल्य निर्धारित किया गया। इस फैसले से किसानों को करीब 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलने का दावा किया गया है। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में गन्ना उद्योग की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है। समयबद्ध भुगतान और डिजिटल व्यवस्था ने किसानों का भरोसा बढ़ाया है। हालांकि चीनी मिलों पर बकाया भुगतान और गन्ना लागत में बढ़ोतरी जैसे मुद्दे अभी भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। आने वाले समय में सरकार की सबसे बड़ी चुनौती किसानों को समय पर भुगतान की इस व्यवस्था को लगातार बनाए रखना होगी।