UPI-लेनदेन पर शुल्क के विरोध में व्यापारी उपवास पर बैठे:प्रयागराज में विजय गुप्ता बोले- इससे बढ़ेगी महंगाई, कारोबार घटा

Oct 02, 2026 - 17:12
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UPI-लेनदेन पर शुल्क के विरोध में व्यापारी उपवास पर बैठे:प्रयागराज में विजय गुप्ता बोले- इससे बढ़ेगी महंगाई, कारोबार घटा
देश में यूपीआई के जरिए होने वाले लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने के विरोध में व्यापारियों ने उपवास कर प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने केंद्र सरकार से इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की। उनका कहना है कि यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने से व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। इसका असर अंततः आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगा और महंगाई बढ़ सकती है। व्यापारी एकता समिति के प्रदेश अध्यक्ष विजय गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से 15 अक्टूबर से यूपीआई के माध्यम से होने वाले व्यापारिक लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत शुल्क लगाने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ 18 प्रतिशत जीएसटी भी लगाए जाने की बात कही जा रही है। इससे व्यापारियों को अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि व्यापारी पहले से ही कई तरह की आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में यूपीआई लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क लगाना उनके लिए परेशानी बढ़ाने वाला कदम है। विजय गुप्ता ने कहा कि ऑनलाइन बाजार के बढ़ते प्रभाव से पारंपरिक व्यापार पहले ही प्रभावित हो चुका है। पहले जहां व्यापारियों का कारोबार 100 प्रतिशत तक होता था, वहीं अब ऑनलाइन बाजार के कारण यह घटकर करीब 30 प्रतिशत रह गया है। ऐसे में व्यापारियों पर नए शुल्क का बोझ डालना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की कि व्यापार को खत्म होने से बचाने, व्यापारियों की सुरक्षा और महंगाई पर नियंत्रण के लिए यूपीआई लेनदेन पर कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं लगाया जाए। प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने कहा कि यूपीआई आज व्यापारिक लेनदेन का प्रमुख माध्यम बन चुका है। दुकानदारों और कारोबारियों के बीच भी इसके जरिए बड़ी संख्या में भुगतान होता है। ऐसे में इस पर शुल्क लगाने से छोटे और बड़े सभी तरह के व्यापारियों पर असर पड़ेगा। व्यापारियों ने 15 अक्टूबर से प्रस्तावित शुल्क के फैसले को वापस लेने की मांग करते हुए उपवास किया। उनका कहना है कि सरकार को व्यापारियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ऐसा कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए, जिससे कारोबार की लागत बढ़े और उसका बोझ आम जनता पर पड़े।

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